अगर शादी के बाद पता चले कि आपका जीवनसाथी मांगलिक है तो करें ये उपाय

अगर किसी ने विवाह से पूर्व कुंडली मिलान नहीं किया है और विवाह के बाद मालूम पड़े कि आपका जीवनसाथी मांगलिक है या उसकी कुंडली में मंगल दोष है तो कुछ खास उपाय कर के आप अपने वैवाहिक जीवन को इस दोष से मुक्‍ति दिला सकते हैं।

कुंडली में कैसे बनता है मांगलिक दोष?
जब किसी व्‍यक्‍ति की कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, आठवे या बारहवे भाव में मंगल हो तो वह जातक मांगलिक कहलाता है। उसकी कुंडली में मंगल दोष पाया जाता है।

मांगलिक दोष को दूर करने के उपाय

# कुंडली में इस दोष की शांति के लिए मंगल ग्रह को शांत करने के उपाय करने चाहिए। मंगल दोष की शांति के लिए उज्‍जैन के मंगलनाथ मंदिर और अंगारेश्‍वर मंदिर में भात पूजा करवाई जाती है। मान्‍यता है कि उज्‍जैन में ही मंगल देव की उत्‍पत्ति हुई थी।

# अगर आपके जीवनसाथी की कुंडली में मांगलिक दोष है और इस वजह से आपके वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ रही हैं तो हर मंगलवार को नियमित शिवलिंग पर मसूर की दाल चढ़ाएं। ऐसा इसलिए है क्‍योंकि मंगल की पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है और मसूर की दाल मंगल ग्रह का अन्‍न है।

# मांगलिक व्‍यक्‍ति को मंगल का रत्‍न मूंगा धारण करना चाहिए। इस रत्‍न के प्रभाव से मंगल ग्रह के सभी दोष दूर होते हैं और उनकी कृपा प्राप्‍त होती है। 

# मंगल दोष से पीडित लोगों को रोज़ अपनी माता का आशीर्वाद लेकर घर से निकलना चाहिए। अपनी मां की सेवा करने वाले लोगों पर मंगल देव की विशेष कृपा बरसती है।

# विवाह से संबंधित परेशानियों से मुक्‍ति पाने के लिए भगवान शिव के साथ माता पार्वती की आराधना करें।