
विधानसभा चुनाव खत्म होते ही लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारी तेज हो गई है. बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन को लेकर दिल्ली में विपक्षी पार्टियों की बैठक जारी है. हालांकि, इस बैठक से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने दूरी बनाई है. इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अलावा, ममता बनर्जी (TMC), चंद्रबाबू नायडू (TDP), अरविंद केजरीवाल (AAP), फारुख अब्दुल्ला (NC), एमके स्टालिन (DMK), शरद पवार (NCP) समेत तमाम विपक्षी दल के नेता पहुंचे हुए हैं.
इस बैठक में 17 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं. यह बैठक कई मायने में अहम है. क्योंकि 11 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू हो रहा है और पांच विधानसभा चुनाव के नतीजे भी सामने आ रहे हैं.
तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू इस बैठक का समन्वय कर रहे है. उन्होंने सभी गैर-बीजेपी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया है. एक सूत्र ने कहा, ”बैठक का मुख्य एजेंडा एक गैर-बीजेपी मोर्चा बनाने के लिए भविष्य की कार्रवाई तय करना है.”
बता दें, उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने जा रही है. हालांकि, अभी तक सीटों को लेकर ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन जो खबरें है उसके मुताबिक बसपा 35-40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बाकी के सीटों पर सपा के अलावा राष्ट्रीय लोकदल (RLD) और दूसरे छोटे दल जो गठबंधन में शामिल होंगे उनके प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं करने का फैसला लिया गया है. लेकिन, रायबरेली और अमेठी पर गठबंधन कोई प्रत्याशी नहीं खड़ा कर रहा है.महागठबंधन का स्वरूप क्या होगा इसके लिए फिलहाल इंतजार करना होगा, लेकिन 11 दिसंबर के नतीजे के बाद स्थिति बहुत हद तक साफ हो जाने की संभावना है. क्योंकि, 11 दिसंबर को पांच विधानसभा चुनावों के नतीजे आने वाले हैं. चुनावी सर्वे के मुताबिक, कांग्रेस राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में वापसी करने को तैयार है. वर्तमान में तीनों राज्यों पर बीजेपी का कब्जा है