बिहार की सियासत मे उपेंद्र कुशवाहा ने खूब बटोरी सुर्खियां, अब खेलेंगे नया दांव!

पटनाः आरएलएसपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा 2014 के चुनाव से काफी सुर्खियां बटोरी है. 2013 में बनी उनकी पार्टी आरएलएसपी को एनडीए में शामिल होने के बाद से ही काफी तरजीह दी गई. हालांकि हैसियत के मुताबिक अभी पार्टी को काफी लंबा राजनीतिक सफर तय करना होगा. इसके लिए पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा को फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा.

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उपेंद्र कुशवाहा लगातार 3 से अधिक सीट की मांग कर रहे हैं. लेकिन बीजेपी का मानना है कि आरएलएसपी पार्टी के लिए 3 सीट भी अधिक है. जानकारों की मानें तो बीजपी 2019 के चुनाव में उन्हें केवल 2 सीट देना चाहती है. क्योंकि बीजेपी का मानना है कि 2014 के चुनाव में आरएलएसपी को दी गई 3 सीटों पर जीत केवल पीएम मोदी के वजह से मिली है.

कम समय में पार्टी को मिली लोकप्रियता
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी (आरएलएसपी) ने कम वक्त में ही राष्ट्रीय स्तर की लोकप्रियता हासिल कर ली. इसकी वजह है उपेंद्र कुशवाहा की चालाक रणनीति जो उन्होंने 2014 के चुनाव में अपनाया. 2013 में नीतीश कुमार का साथ छोड़ने के बाद कुशवाहा ने अलग आरएलएसपी पार्टी बनाया. वहीं, 2014 में एनडीए के साथ जुड़ने के बाद उन्हें 3 लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने का मौका मिल गया. वहीं, उन्होंने तीनों सीटों पर चुनाव जीत कर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी.

बिहार विधानसभा चुनाव में नहीं मिली सफलता
लोकसभा चुनाव 2014 की जीत के बाद बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में एनडीए में उन्हें 23 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिला. हालांकि विधानसभा चुनाव में उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली. आरएलएसपी ने 23 सीट में से केवल 2 सीटों पर जीत हासिल की. इससे साफ हो गया था कि आरएलएसपी को लाभ केवल एनडीए की वजह से मिली है. नरेंद्र मोदी की लहर में आरएलएसपी को लोकसभा चुनाव सफलता मिली थी.

बीजेपी देना चाहती है केवल 2 सीट
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो बीजेपी 2019 चुनाव में आरएलएसपी को केवल 2 सीट देना चाहती है. बीजेपी का मानना है कि आरएलएसपी ने केवल पीएम मोदी की लहर में 3 सीट जीत हासिल की है. वहीं, अब जेडीयू उनके साथ हैं और जेडीयू-आएलएसपी की पार्टी में आसमान-जमीन का अंतर है. आरएलएसपी के हैसियत के अनुसार ही उन्हें 2 सीट दी जा रही है. क्यों कि बिहार विधानसभा चुनाव में आरएलएसपी ने अपने दम पर भी 23 सीट मिलने के बाद भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी.

उपेंद्र कुशवाहा की दावेदारी
उपेंद्र कुशवाहा ने एनडीए में 3 से अधिक सीटों की दावेदारी की है. कुशवाहा का कहना है कि उनकी पार्टी ने बिहार की तीन लोकसभा सीटें सीतामढ़ी, काराकाट और जहानाबाद की मिली और पार्टी ने तीनों ही सीटें जीत ली. जबकि एनडीए से अलग जेडीयू ने केवल 2 सीटें ही हासिल की थी. इस वजह से उनकी दावेदारी जेडीयू से अधिक है. वहीं, आरएलएसपी का जनाधार भी 5 सालों में काफी बढ़ गया है. इस हैसियत से उन्हें 3 से अधिक सीट मिलनी चाहिए.