फ्रांस में विरोध प्रदर्शन पर पेरिस बंद, शहर में हाई अलर्ट

फ्रांस में पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के फैलने और नए दंगे होने की आशंका के मद्देनजर पेरिस को बंद कर दिया गया है। शहर को ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन के मद्देनजर शनिवार को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों को आशंका है कि यह प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो सकता है।

शहर में बंद, प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति मैक्रों का अतापता नहीं
शहर में दुकानें, म्यूजियम, एफिल टावर और मेट्रो स्टेशन भी बंद रहेंगे। वहीं, शीर्ष टीमों के फुटबॉल मैच और म्यूजिक शो रद्द कर दिए गए हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपरटने के लिए 8000 पुलिस बल को तैनात किया गया है।

फ्रांस की राजधानी में पिछले सप्ताहांत दशकों के सबसे विकट दंगे हुए थे जिससे देश हिल गया था। राष्ट्रपति मैक्रों सरकार गहरे संकट में घिर गई। पेरिस बंद जैसी घटनाओं के बीच राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों का कुछ अतापता नहीं है। मैक्रों उद्वेलित राष्ट्र को शांत कराने का जिम्मा एक प्रकार से सरकार पर छोड़कर पूरे सप्ताह लोगों की नजरों से गायब रहे। 

राष्ट्रपति मैक्रों के इस्तीफे की मांग

सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शनकारियों का मुख्य नारा है, ‘मैक्रों इस्तीफा दो’। लोगों का गुस्सा अपने उस नेता के लिए है जिसे वे सिर्फ ‘अमीरों का नेता’ मानते हैं। उनका मानना है कि मैक्रों आम जनता से दूर हैं। दरअसल, मैक्रों ने व्यापार सुधार के लिए कदम उठाए हैं और उनका मानना है कि इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को अधिक वैश्विक बनाना है। वहीं, फ्रांस के कर्मचारियों की राय इसके ठीक उलट है। वे इसे ‘बर्बर’ और ‘अधिकारों को कमजोर करने वाला’ मानते हैं। वहीं, राष्ट्रपति के कार्यालय ने कहा है कि वह शनिवार से पहले बातचीत नहीं करेंगे।
 

‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन 300 लोग हिरासत में लिए

देश में ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन से पहले करीब 300 लोगों को हिरासत में लिया गया है। फ्रांस के गृहमंत्री क्रिस्टोफर कास्टानेर ने कहा कि उन्हें केवल कुछ हजार लोगों के राजधानी में आने की उम्मीद थी। पिछले सप्ताहांत प्रदर्शनकारियों की संख्या आठ हजार थी। प्रधानमंत्री एडवर्ड फिलिप ने शुक्रवार शाम येलो वेस्ट प्रदर्शनकारियों के एक दल से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने की अपील की है। बैठक के बाद अभियान के प्रवक्ता क्रिस्टोफर चालेनकॉन ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारी बात सुनी और राष्ट्रपति तक हमारी बात पहुंचाने का वादा किया है।