
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार के किशनगंज से सांसद मौलाना असरारुल हक का शुक्रवार तड़के निधन हो गया. वह 76 वर्ष के थे. पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, हक गुरुवार रात एक धार्मिक कार्यक्रम (जलसा) में हिस्सा लेने गए थे, जहां उन्हें ठंड महसूस हुई. उन्हें आनन-फानन में सर्किट हाउस लाया गया, जहां तबियत बिगड़ने के बाद स्थानीय अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में उन्हें दिल का दौरा पड़ा. 
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हक के बेटे सोहैल आलम ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव ताराबडी में शुक्रवार को नमाज के बाद किया जाएगा. वर्ष 2014 में हक कांग्रेस के टिकट पर किशनगंज लोकसभा सीट से लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए थे. वे पहली बार 2009 में यहां से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे.
इधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान से कराने की घोषणा की है. नीतीश ने अपने शोक संदेश में कहा, “सांसद हक राजनीति में अपनी सुचिता और सरल हृदय के लिए जाने जाते थे. सामाजिक कार्यो में उनकी गहरी अभिरूचि थी और वे अपने क्षेत्र में काफी लोकप्रिय थे.”
उन्होंने कहा कि किशनगंज में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना में उनका अहम योगदान था. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है.
उन्होंने कहा कि सांसद हक का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ होगा. उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिजनों व समर्थकों से इस दुख की घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की