
तेलंगाना विधानसभा चुनाव के लिए प्रतिद्वंद्वी पार्टियों के धुआंधार चुनाव प्रचार के बाद आज (शुक्रवार को) कुल 119 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैैं. यहां मतदान शुरू 7 बजे से शुरू हुआ, जोकि शाम पांच बजे तक चलेगा. वहीं, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिन्हित की गईं 13 सीटों पर मतदान शाम चार बजे तक ही होगा’’. तेलंगाना में पहली बार मतदाता सत्यापन पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) का उपयोग किया जा रहा है. सुरक्षा के लिहाजा से कड़े इंतजाम किए गए हैं. राज्य में कुल 2.80 करोड़ मतदाता विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. राज्य में सत्तारूढ़ टीआरएस, कांग्रेस नीत गठबंधन और भाजपा में त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है.
अपडेट्स…
अभिनेता चिरंजीवी जुबली हिल्स के बूथ संख्या 148 पर पहुंचे और वोट डाला.
AIMIM के नेता असासुद्दीन ओवैसी ने हैदाराबाद के मतदान केंद्र पर वोट डाला. वोट डालने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए ओवैसी ने लोगों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील की.
दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार अर्जुन भी सुबह मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए पहुंचे. मतदान केंद्र पर अर्जुन को देखकर वहां पर उनके फैंस का तांता लग गया.
कुल 32,815 मतदान केंद्र बनाए गए
राज्य के चुनाव में किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए करीब 446 उड़न दस्ते मुस्तैद रहेंगे. वहीं, 448 निगरानी टीमें हालात पर नजर रखेंगी. साथ ही, 224 वीडियो निगरानी टीमें भी बनाई गई हैं. इस चुनाव के लिए कुल 32,815 मतदान केंद्र बनाए गए हैं.
उग्रवाद प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी
अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जितेंद्र के अनुसार, राज्य में 25,000 केंद्रीय सुरक्षा बलों और अन्य राज्यों के 20,000 बलों सहित करीब एक लाख पुलिस कर्मी चुनाव ड्यूटी में लगाए गए हैं. वहीं, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई.
राव ने समय से पहले चुनाव कराने का विकल्प चुनकर एक बड़ा दाव चला था
तेलंगाना विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ-साथ होना था, लेकिन राज्य कैबिनेट की सिफारिश के मुताबिक, छह सितंबर को विधानसभा भंग कर दी गई थी. मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने समय से पहले चुनाव कराने का विकल्प चुनकर एक बड़ा दाव चला था. सत्तारूढ़ टीआरएस को कड़ी चुनौती देने के लिए कांग्रेस ने तेदेपा, तेलंगाना जन समिति और भाकपा के साथ एक गठबंधन बनाया है.
कद्दावर नेताओं ने की संभाली थी चुनावी प्रचार कमान
टीआरएस और भाजपा ने यह चुनाव अपने-अपने दम पर लड़ने का फैसला किया है. राव अपनी पार्टी की ओर से स्टार प्रचारक थे, जबकि कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने कद्दावर नेताओं को चुनाव प्रचार के लिए उतारा. कांग्रेस के लिए संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं ने चुनाव रैलियों के संबोधित किया, जबकि भाजपा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं पार्टी अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार किया. राहुल ने तेदेपा प्रमुख एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ एक संयुक्त सभा को भी संबोधित किया था.
राव का दावा, 100 सीट जीतेंगे
राव ने 100 सीटों पर जीत हासिल करने का दावा किया है. वहीं, राहुल ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नीत गठबंधन अपनी जीत को लेकर आश्वस्त है. हालांकि, पिछला चुनाव (2014) तेदपा के साथ गठजोड़ कर लड़ने वाली भाजपा ने कहा कि उसने इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया है. चुनाव मैदान में एक ट्रांसजेंडर सहित कुल 1,821 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. मतगणना 11 दिसंबर को होगी