
दोस्तों आज के समय में लोग शारीरिक सम्बन्ध बनाने के दौरान अनचाहे गर्भ और कई बीमारियों से बचने के लिए कंडोम का प्रयोग करते हैं. पर एक समय ऐसा भी था जब कंडोम नही बने थे, तब लोग किस प्रकार से सम्बन्ध बनाते थे जिससे वो अनचाहे गर्भ और बीमारियों से बच पाते थे, आज हम आपको इसी के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं इसलिए पोस्ट को ध्यान से अंत तक पूरा पढ़ें.
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए उस समय ज्यादातर लोग पुल आउट विधि का प्रयोग करते थे, इसका अर्थ ये होता था की जब पुरुष डिस्चार्ज होने की स्थिति में आता था तो वो अपना गुप्त अंग बाहर कर लेता था.
जिससे सीमेन महिला के अंदर प्रवेश नही करता था और अनचाहे गर्भ का खतरा टल जाता था, ये विधि आज भी उतनी ही कारगर है पर इसमें संयम की आवश्यकता होती है.
उस समय के लोग भेंड़ की आंत का प्रयोग एक कंडोम की तरह ही करते थे.
इससे जहाँ अनचाहे गर्भ से सुरक्षा मिलती थी थी तो वहीं इससे महिला साथी को भी अधिक आनन्द की प्राप्ति होती थी.
उस समय महिलाएं सम्बन्ध बनाने के बाद अपने गुप्त अंग को तुरंत ही धो लेती थी जिससे सीमेन अंदर नही जा पाता था और महिलाएं गर्भवती नही होती थी, हालाँकि ये तरीका 70 प्रतिशत ही कारगर था.