



इस खबर ने आस पास के इलाके को भी प्रभावित किया है क्योंकि ऐसा अनहोनी पहली बार हुआ है. लोगों के भरोसे को आहत कर उठाया गया यह साजिस वाला कदम हो सकता है मेले का अंतिम पड़ाव बना दे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खुद आर्टिस्टों ने बर्तन में हड्डियों का टुकड़ा पाया है. इस मामले की शिकायद वहां के इंचार्ज मैनेजर के पास की गई तो उन्होंने इस बात से मना कर दिया और कहा कि उन्होंने खाने को अब तक देखा तक नही है. जबकि आर्टिस्ट लोग खाना खा चुके थे. इस विवाद के बाद यशविंदर शर्मा का कहना है कि बचा हुआ खाना फेंक दिया गया है. अगर खाना के कुछ अंश बचे होते तो उसकी जांच करवाई जा सकती थी.
वहां स्थित लोगों ने यह आरोप लगाया है कि इसके पीछे बड़ी साजिश रची गयी है. जब पोल खुल गया तो मैनेजमेंट ने बचे खानों के अलग जगह पर दफना दिया है. वो लोग पहले से ही प्लानिंग कर रखे थे क्योंकि हमने जिस प्लेट में खाना खाया था वो भी गायब है. ऐसी आशंका है कि वो प्लेट भी तोड़कर जला दिए गए हैं. बिना सुबूत के इस केस के गहराई में पहुचने में मुश्किल बढ़ती जा रही है. ऐसे में सच्चाई का पता लगाना तो मुश्किल है पर पुलिस ने वहां के कर्मचारियों को
पुलिस कर्मियों ने वहां काम करने वाले रसोइयों को कस्टडी में ले लिया है तो मैनेजर पर थर्ड डिग्री यूज़ किया जा रहा है. जल्द ही इस रहस्य से पर्दा उठ जाएगा कि आखिर किसने इन भक्तों और आर्टिस्टों के धर्म को भ्रष्ट करने की साजिश रची. लोगो का कहना है इसमें एक बड़े गिरोह का हाथ है क्योंकि हमने पहले से ही शाकाहारी भोजन का आर्डर दिया था.