
महिला टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के सेमीफाइनल मैच में मिताली राज को टीम में न शामिल करने के कारण उठे विवाद ने बड़ा रूप ले लिया है. वेबसाइट ‘ईएसपीएन’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़े विवाद के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की प्रशासकों की समिति (सीओए) ने टूर्नामेंट में मिताली राज के फिटनेस की जानकारी मांगी है. 
सीओए ने सेमीफाइनल मैच से पहले हुई चयन समिति की बैठक की जानकारी मीडिया में लीक होने पर चिंता भी जताई और इस मामले में बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों सहित मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी से भी स्पष्टीकरण की मांग की है.
उल्लेखनीय है कि इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मैच में टीम की सबसे अनुभवी बल्लेबाज मिताली को ही बैंच पर बैठाया गया और इस मैच में भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा. इस कारण मिताली को सेमीफाइनल मैच में शामिल न करने का विवाद खड़ा हो गया और इसने अब बड़ा रूप ले लिया है.
इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में घुटने की चोट के कारण मिताली बाहर थी, लेकिन उससे पहले खेले गए दो मैचों में उन्होंने लगातार अर्धशतकीय पारियां खेली थीं. सेमीफाइनल मैच से एक दिन पहले उन्हें फिट घोषित कर दिया गया था. बावजूद इसके प्रबंधन ने उन्हें बैंच पर बैठाकर आस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करने वाली अंतिम एकादश को बरकरार रखने का फैसला किया.

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रमेश पोवार और प्रबंधक तृप्ति भट्टाचार्य इस मामले में सोमवार को सीओए और राहुलजौहरी से मुलाकात कर टी-20 विश्व कप में भारतीय टीम के प्रदर्शन की रिपोर्ट भी सौपेंगे.
मिताली राज की मैनेजर ने हरमनप्रीत को बताया ‘झूठी’ और ‘चालाक’
इस मामले में मिताली राज की मैनेजर ने भी हरमनप्रीत कौर को काफी खरी-खोटी सुनाई. मिताली राज की मैनेजर अनीशा गुप्ता ने एक ट्वीट के जरिए हरमनप्रीत को आड़े हाथों लिया है और उन्हें ‘अपरिपक्व’, ‘झूठी’ और ‘चालाक’ बताया है. अनीशा ने अपने ट्वीट में लिखा था- “दुर्भाग्यवश भारतीय टीम राजनीति में विश्वास करती है न कि खेल में. भारत और आयरलैंड मैच में मिताली राज का अनुभव कितना काम आ सकता था इसको देखने के बाद भी उसने हरमनप्रीत जो ‘अपरिपक्व’, ‘झूठी’ और ‘चालाक’ हैं, को खुश करने के लिए उन्होंने हरमनप्रीत को मन की करने दी.”
बता दें कि मिताली राज ने विश्व कप में तीन मैच खेले. उन्होंने टूर्नामेंट में 53.50 की औसत से 107 रन बनाए, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं. मिताली को बाहर करने के फैसले पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन और पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने कमेंट्री करते हुए सवाल उठाए थे.
गौरतलब है कि भारत को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा और उसका पहली बार महिला टी-20 वर्ल्डकप जीतने का सपना टूट गया. सेमीफाइनल में हारने के बाद भी कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने इस फैसले को सही बताया. हरमनप्रीत ने कहा, “हम जो भी निर्णय लेते हैं वो टीम के लिए लेते हैं. कभी यह काम करता है कभी नहीं लेकिन हमें कोई पछतावा नहीं है. मुझे अपनी टीम पर गर्व है क्योंकि उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. इससे हमे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा क्योंकि हमारी युवा टीम है.” इंग्लैंड ने 50 ओवर के वर्ल्डकप के फाइनल में भी भारत को रोमांचक मुकाबले में मात दी थी.