
इन दिनों वे मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रचार में व्यस्त हैं। गौरतलब है कि इस साल अगस्त में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने और वहां पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल बाजवा से गले मिलने की घटना ने नवजोत सिद्धू को गंभीर विवाद में उलझा दिया था। भाजपा ने इसे देशद्रोह करार दिया था।
यही नहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी इसकी आलोचना करते हुए कहा था कि अगर वे (कैप्टन) होते तो पाक जनरल से मुंह फेर लेते। इसके अलावा एक व्यक्ति ने पटना में सिद्धू के खिलाफ अदालत में देशद्रोह का मुकदमा भी दायर कर दिया था। उस समय सिद्धू ने साफ किया था कि जनरल बाजवा ने जब उन्हें कहा कि पाकिस्तान करतारपुर कॉरिडोर खोलने पर विचार कर रहा है, तो वे खुशी के मारे उनसे गले मिले थे।
मेरी जफ्फी राफेल सौदे से बढ़िया रही : सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने एक ट्वीट में करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण के लिए भारत और पाकिस्तान सरकारों द्वारा उठाए गए कदमों का श्रेय अपने पाक दौरे को दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी वह जफ्फी राफेल सौदे से बढ़िया रही। इस कॉरिडोर से लाखों सिखों को लाभ होगा। यह दोनों देशों के संबंधों को सुधारने में भी सहायक होगा।