बेंगलुरु में आज होगा भाजपा नेता अनंत कुमार का अंतिम संस्‍कार, बड़े नेता होंगे शामिल

 बीजेपी के दिग्‍गज नेता और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार का अंतिम संस्‍कार आज बेंगलुरु में किया जाएगा. मंगलवार को सुबह उनका पार्थिव शरीर पहले बेंगलुरु स्थित बीजेपी मुख्‍यालय में अंतिम दर्शनों लिए रखा जाएगा. इसके बाद उनका अंतिम संस्‍कार मंगलवार शाम को चामराज पेट स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा. वरिष्ठ नेता के निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक और एक दिन की छुट्टी की घोषणा कर दी गई है.

अनंत कुमार के अंतिम संस्‍कार में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के हिस्‍सा लेने की भी संभावना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरू में अनंत कुमार के परिवार से भेंट की और अपने सहयोगी को अंतिम विदाई दी.

बता दें कि अस्पताल ने बताया था कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता का सोमवार तड़के बेंगलुरू के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया था. वह पिछले कई महीनों से फेंफड़े के कैंसर से जूझ रहे थे. बेंगलुरू दक्षिण सीट से सांसद 59 वर्षीय कुमार ने श्री शंकरा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केन्द्र में रविवार देर रात करीब दो बजे अंतिम सांस ली.

श्री शंकरा कैंसर फाउंडेशन के न्यासियों के बोर्ड के अध्यक्ष बी आर नागराज ने बताया कि अमेरिका और ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद कुमार हाल ही में यहां लौटे थे. केन्द्रीय मंत्री के अंतिम समय में उनकी पत्नी तेजस्विनी और दोनों बेटियां भी वहां मौजूद थीं. नायडू ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री कुमार के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें एक ‘‘समर्पित राजनेता’’ बताया.

उपराष्ट्रपति सचिवालय ने ट्वीट करते हुए कहा कि नायडू ने उन्हें ‘‘छात्र आंदोलन से लेकर संसद तक वर्षों का साथी’’ बताया है. उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हू्ं. वह छात्र आंदोलन से लेकर संसद तक कई वर्षों से मेरे सहयोगी थे। वह एक समर्पित राजनेता थे.’’

केन्द्रीय मंत्रियों रवि शंकर प्रसाद और चौधरी बिरेन्द्र सिंह सहित अन्य नेताओं ने कुमार के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी. सूचना एवं प्रौद्योगिकी तथा विधि मंत्री प्रसाद ने कहा कि कुमार का असामयिक निधन पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है. ‘‘मैंने एक मित्र खोया है.. हम सभी बहुत दुखी और शोकाकुल हैं.’’ 

इस्पात मंत्री चौधरी बिरेन्द्र सिंह ने कहा कि कुमार दया और सेवा की प्रतिमूर्ति थे. दुख की इस घड़ी में मैं उनके परिवारजनों के साथ हूं. वहीं बिहार के राज्यपाल लाल जी टंडन और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केन्द्रीय रसायनिक व उर्वरक तथा संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार के आकस्मिक निधन पर शोक-संवेदना व्यक्त की है.

राज्यपाल लाल जी टंडन ने अपने शोक संदेश में कहा है कि अपनी दूरदर्शी राष्ट्रवादी नीतियों, अद्भुत प्रशासनिक और सांगठनिक क्षमता तथा संसदीय मामलों की विशेषज्ञता के कारण भारतीय राजनीति में उनकी विशिष्ट पहचान थी. उन्होंने कहा कि अनंत जी के असामयिक निधन से भारतीय राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है.

राज्यपाल ने दिवंगत नेता की आत्मा को चिरशांति तथा उनके परिजनों और प्रशंसकों को इस दारुण दुख को सहन करने के लिये धैर्य-धारण की क्षमता प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कुमार के असामयिक निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है.

नीतीश ने अपने शोक संदेश में कहा कि वह एक कर्मठ एवं जुझारू राजनेता एवं प्रख्यात समाजसेवी थे. कर्नाटक की राजनीति में उनका अहम योगदान था. उन्हें हमेशा अच्छे कामों के लिए याद किया जाएगा. उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार का निधन दुखद है. उनके निधन से राजनीति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुयी है.

मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की चिरशान्ति तथा उनके परिजनों, अनुयायियों एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की. बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि कुमार के असामयिक निधन से भारतीय जनता पार्टी ने एक प्रभावी प्रशासक और कुशल संगठनकर्ता खो दिया है. विद्यार्थी परिषद और भाजपा में काम करते हुए उनसे मेरा संबंध 40 साल का था. उनका निधन मेरे लिए निजी क्षति है.