
जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा है कि चुनाव आ रहे हैं, इसलिए सरकार को राम मंदिर याद आया, ऐसा नहीं है। हो सकता है शीत सत्र में सरकार संसद में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लेकर आए। सुप्रीम कोर्ट का फैसला अबतक न आने के चलते मंदिर निर्माण में देरी हुई है। 
शनिवार को अजीमाबाद एक्सप्रेस से अहमदाबाद जाते समय कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर शंकराचार्य ने दैनिक जागरण से वार्ता में गंगा की निर्मलता और अविरलता पर सरकार के प्रयास कितने सार्थक हैं के सवाल पर कहा कि यह प्रयास तो 1984 से चल रहा है। अबतो गंगा के लिए अलग मंत्रालय तक बन गया है। कहा कि वाणी के अनुसार क्रिया नही हो पा रही है, सरकार की मंशा तो स्पष्ट है लेकिन निचले स्तर पर लापरवाही हो रही है। इलाहाबाद और मुजफ्फरनगर जैसे तमाम जिलों के नाम बदलने को उन्होंने प्रदेश सरकार का फैसला तारीफ के काबिल बताया।