
संगम पर लगने वाले कुंभ को दुनिया का सबसे बड़ा जन-समागम माना जाता है। अथाह भीड़। चहुंओर लोग ही लोग। इतने कि गिनना मुश्किल। लेकिन अब गूगल गिनकर बताएगा। कुंभ में जुटने वाले श्रद्धालुओं की सटीक गणना उपग्रहों की मदद से की जाएगी। इस कार्य में आइआइटी, एमएनएनआइटी व ट्रिपल आइटी के भी एक्सपर्ट शामिल होंगे।
संस्कृति के सबसे बड़े संगम प्रयागराज में कुंभ के अवसर पर जुटने वाली भीड़ की गणना होती आई है। लेकिन अब तक जिस तरीके से गणना की जाती रही है, उसे प्रामाणिक ठहराना थोड़ा कठिन होता था। 2001 में नासा के उपग्रह इकोनॉस द्वारा खींची गई तस्वीरों में कुंभ का अद्भुत नजारा दुनिया ने देखा था। जिसे दुनिया में किसी एक जगह पर इंसानों के सबसे बड़े जमावड़े के कीर्तिमान के रूप में देखा गया।
मेला प्रशासन अब तक श्रद्धालुओं के बारे में अनुमान लगाकर संख्या की घोषणा करता था। लेकिन इस बार सरकार ने कुंभ को लेकर बेहतर तैयारी और ग्लोबल ब्रांडिंग तो की ही है, प्रबंधन और व्यवस्थापन के विश्वस्तरीय तौर-तरीकों के साथ ही अत्याधुनिक तकनीक का हरसंभव उपयोग किया जा रहा है। मेला प्रबंधन ने गूगल की मदद से भीड़ के वास्तविक आंकड़े पेश करने की तैयारी है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की, मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपल आइटी) प्रयागराज के एक्सपर्ट भी आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया में शामिल होंगे। प्रयागराज मेला प्राधिकरण और गूगल के गुरुग्राम, हरियाणा स्थित कार्यालय के अफसरों की एक बैठक हो चुकी है। अब जल्द ही एक और उच्चस्तरीय बैठक होगी।