ज्ञानकुंभ: आज CM योगी आदित्यनाथ करेंगे समापन, राममंदिर को लेकर और बढ़ सकता हैं विवाद

पतंजलि योगपीठ में शुरू हुए ज्ञानकुंभ में देश भर से आए शिक्षाविदों और स्थानीय बच्चों में भारी उत्साह देखने को मिला। आज दूसरे दिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय ज्ञान कुंभ के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

इससे पहले आज दो सत्र होंगे। इसके पहले सत्र में बाबा रामदेव उच्च शिक्षा को लेकर व्याख्यान देंगे। इसके बाद दूसरे सत्र में शिक्षाविद् अपने विचार रखेंगे। तीसरे सत्र में करीब 1 बजे योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

राम मंदिर को लेकर भी चल रही चर्चाओं से उनके यहां आने को लेकर  लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। वहीं लोगों का कहना है कि राममंदिर को लेकर भी यहां वे कुछ बयान दें सकते हैं। 

बता दें कि पतंजलि के विशालतम परिसर में हो रहे ज्ञानकुंभ को लेकर कई शिक्षाविदों से बात की गई तो उनका कहना था कि देश में पहली बार हो रहा यह आयोजन अद्भुत है। निश्चित ही योग की धरती पर होने वाले इस ज्ञानकुंभ से ज्ञान का अमृत छलकेगा और शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी। 

कर्नाटक की दावनगिर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसवी हलसे ने कहा कि शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए यह आयोजन काफी कारगर साबित होगा। ऐसा पहली बार हो रहा है जब इतनी बड़ी संख्या में शिक्षाविद जुट रहे हैं। निश्चित ही स्वामी रामदेव के सानिध्य में हो रहे इस ज्ञानकुंभ में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर बेहतर सुझाव आएंगे।  

बंगलूरू विश्वविद्यालय से आए प्रोफेसर नरसिंहा मूर्ति ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में देश ने काफी प्रगति की है। इसके बाद भी सुधार की गुजाइंश काफी है। जब तक हम प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर सुधार नहीं करेंगे तो उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार बहुत ज्यादा नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा इस आयोजन से बेहतरी की उम्मीद की जा सकती है।

बंगलूरू से ही आए प्रोफेसर मुन्नी नारायण मप्पा भी इस ज्ञानकुंभ को लेकर काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन होते रहने चाहिए। प्रोफेसर डी वेंकटेश ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधारकर देश के लिए सुशिक्षित भावी पीढ़ी तैयार की जा सकती है।

हालांकि हमारा देश इस दिशा में लगातार प्रगति कर रहा है लेकिन बेहतरी के लिए अच्छे प्रयास किए जाने चाहिए। आसपास के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से छात्र छात्राएं भी इस ज्ञानकुंभ का हिस्सा बनने पतंजलि पहुंचे। एचईसी पीजी कालेज से आए विकास कुमार, खुशबू, अरसी निगार,  दीपाली और प्रतिमा आदि का कहना था विद्वानों से मिलकर ज्यादा कुछ सीखने की ललक पैदा हुई है।