डायबिटीज में फ्लू के संक्रमण का होता है खतरा, जानें बचाव का तरीका

  • फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, इसे इंफ्लूएंजा के नाम से भी जानते हैं।
  • फ्लू से ग्रस्‍त डायबिटीज के मरीजों को ब्‍लड शुगर के स्‍तर का ध्‍यान हर वक्‍त रखना चाहिए।
  • फ्लू होने का मतलब यह नहीं कि पानी का सेवन कम करना है।

डायबिटीज और फ्लू में संबंध माना जाता है, जिन लोगों को डायबिटीज होती है उनमें फ्लू का संक्रमण होने की संभावना सामान्‍य लोगों की तुलना में अधिक होता है। अगर डायबिटीज रोगी को फ्लू हो जाये तो इससे डायबिटीज के उपचार में बाधा पहुंचती है क्‍योंकि फ्लू ब्‍लड में मौजूद ग्‍लूकोज के स्‍तर को प्रभावित करता है। ऐसे में डायबिटीज रोगियों को ध्‍यान रखने की जरूरत है।

क्‍या है फ्लू

फ्लू एक संक्रामक बीमारी है, इसे इंफ्लूएंजा के नाम से भी जानते हैं। सामान्‍यतया यह बीमारी मौसम बदलने के साथ और ठंड के मौसम में होती है। यह एक प्रकार का श्‍वसन संक्रमण है जो इंफ्लूएंजा वॉयरस के कारण होता है। यह वायरस शरीर में हवा या दूसरे वायरस के कारण या दूसरे संक्रामित व्‍यक्ति से होता है।

कैसे करें बचाव

अगर आपको डाय‍बिटीज है और आप फ्लू की चपेट में आ गये हैं तो इससे बचाव करने की जरूरत है। फ्लू के शॉट्स लीजिए, यह इंफ्लूएंजा के वायरस से बचाव करने का बेहतर तरीका है। इस दौरान अपने ब्‍लड ग्‍लूकोज के स्‍तर को सामान्‍य बनाये रखने के लिए चिकित्‍सक के निर्देशों का पालन करें। डायबिटीज से ग्रस्‍त प्रत्‍येक व्‍यक्ति को हर 6 महीने पर फ्लू के टीके लगवाने चाहिए। फ्लू एक प्रकार की संक्रामक बीमारी है जो इससे ग्रस्‍त व्‍यक्ति से आसपास मौजूद लोगों को हो सकता है। इसलिए ऐसे लोगों के साथ रहें जिन्‍होंने फ्लू शॉट्स ले रखें हों।

इंसुलिन और दवायें लेते रहें

अगर आप डायबिटिक्‍स हैं और इंफ्लूएंजा वायरस की चपेट में आ गये हैं तो डायबिटीज की दवायें जरूर लें। नियमित रूप से ब्‍लड शुगर की जांच करें और इंसुलिन भी सयम पर लें। अगर कमजोरी बढ़ जाये तो चिकित्‍सक की सलाह के अनुसार अधिक बार इंसुलिन ले सकते हैं।

कब करें ब्‍लड शुगर की जांच

फ्लू से ग्रस्‍त डायबिटीज के मरीजों को ब्‍लड शुगर के स्‍तर का ध्‍यान हर वक्‍त रखना चाहिए। वैसे तो डायबिटिक्‍स एक दिन में एक बार ब्‍लड शुगर का स्‍तर जांचते हैं लेकिन फ्लू ग्रस्‍त होने के बाद प्रत्‍येक 4 घंटे पर ब्‍लड शुगर की जांच करें। क्‍योंकि फ्लू ग्‍लूकोज के स्‍तर को असामान्‍य कर सकता है।

अधिक पानी पियें

फ्लू होने का मतलब यह नहीं कि पानी का सेवन कम करना है। बल्कि फ्लू होने के बाद अधिक पानी का सेवन करें, ऐसे खाद्य पदार्थ (ककड़ी, खीरा आदि) खायें जिसमें पानी की अधिक मात्रा हो। एक शोध से पता चला है कि जो लोग लगभग 3 गिलास पानी पीते हैं उन्‍हें दर्द भरे गले और नाक जाम होने की शिकायत उन लोगों की तुलना में अधिक होती है जो दिनभर में 8 गिलास पानी पीते हैं।

वजन की माप

वैसे भी डायबिटीज में वजन अपने आप घटने लगता है, लेकिन अगर आपने इंसुलिन और अन्‍य दवायें लेना शुरू कर दिया है तो वजन स्थिर रहता है। लेकिन फ्लू से ग्रस्‍त होने के बाद डायबिटिक्‍स का वजन घटने लगता है। अगर वजन कम हो रहा है तो यह उच्‍च रक्‍तचाप का लक्षण है, ऐसे में रक्‍तचाप को सामान्‍य रखना जरूरी है।

मुंह ढंककर रखें

फ्लू का संक्रमण अन्‍य लोगों में न फैले इसलिए अपने मुंह को हमेशा ढंके चाहे आप का दोस्‍त बीमार हो या फिर आप खुद, अपने चेहरे को रुमाल से या किसी कपड़े से ढंक कर रखें। इससे बीमारी एक दूसरे तक नहीं पहुंचेगी।