
- आमतौर पर टूथपिक प्लास्टिक की या लकड़ी की बनी होती है।
- टूथपिक का प्रयोग वही लोग करते हैं जिनके दांतों में स्पेस होता है।
- बाद टुथपिक का इस्तेमाल करने से मुंह से बदबू आनी शुरू हो जाती है।

भारतीयों की खासियत है कि खाने के बाद टूथपिक का इस्तेमाल जरूर करते हैं। बाजार में 10 से 20 रुपये का मिलने वाला टूथपिक का पैकेट भले ही आपको कुछ समय के लिए फायदा करें लेकिन यह जान लें कि इसके कई नुकसान भी हैं। आमतौर पर टूथपिक प्लास्टिक की या लकड़ी की बनी होती है। कुछ लोग टूथपिक का इस्तेमाल कभी-कभी करते हैं तो वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो नियमित रूप से खाना खाने के बाद टूथपिक का इस्तेमाल करते हैं। आमतौर पर टूथपिक का प्रयोग वही लोग करते हैं जिनके दांतों में स्पेस होता है, जिसमें खाने का कण फंस जाता है। इससे मसूड़े कमजोर होते हैं साथ ही मुख सबंधी कई तरह की बीमारियां भी होने की संभावना बढ़ जाती है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि टूथपिक के इस्तेमाल से कितनी तरह की बीमारियां आपको हो सकती है।
आजकल बाजारों में जो टूथपिक मौजूद है वह प्लास्टिक की बनी होती है। प्लास्टिक दातों के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। इससे दांतों में कीड़ा लगने का डर तो रहता ही है साथ ही मसूड़े खराब होने का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। आजकल बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों को युवाओं को भी दांतों से संबंधित कई रोग होने लगे हैं। जिनके कारणों में से एक टूथपिक का ज्यादा इस्तेमाल करना भी है। आज हम आपको टूथपिक से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं। इससे आप यह जान पाएंगे कि आपको टूथपिक क्यों इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।
- कई लोगों की आदत होती है कि टूथपिक को इस्तेमाल करने के बाद उसे चबाना शुरू कर देते हैं क्योंकि यह प्लास्टिक या लकड़ी की बनी होती है जिससे दांतों के इनेमल को नुकसान होता है।
- ज्यादा समय के लिए दांतों में खाना फंसा रहे तो उसके बाद टुथपिक का इस्तेमाल करने से मुंह से बदबू आनी शुरू हो जाती है।
- एक ही जगह पर टूथपिक के ज्यादा इस्तेमाल से दांतों के बीच खाली जगह बननी शुरू हो जाती है। इससे उस खाली जगह में ज्यादा खाना फंसने लगता है और दांतों में कैविटी होने लगती है जिससे दांत खराब हो जाते है।
- टूथपिक का इस्तेमाल के दौरान इसकी रगड़ से कई बार मसूड़ों में से खून आने लगता है। समय रहते इसका इलाज न करने पर मसूड़ों की बीमारी भी लग जाती है।
- टूथपिक के रोजाना इस्तेमाल से मसूड़े फूल जाते हैं और अपनी जगह से खुलने लगते हैं। इससे दांतों को नुकसान पहुंचता है और यह जड़ों से कमजोर हो जाते हैं।
- इसके ज्यादा इस्तेमाल से दांतों की चमक खत्म होने लगती है और दांत खराब हो जाते हैं।