
झारखंड प्रदेश के विभाजन से लेकर उसके निर्माण में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं ने अपना खून-पसीना बहाया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा गठबंधन व महागठबंधन की विरोधी नहीं है, लेकिन समझौता सम्मानजनक नहीं होने पर अकेले चुनाव लड़ने में भी पार्टी को परहेज नहीं होगा। यह कहना है झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन का। शिबू सोरेन सेक्टर स्थित हंस मंडप में प्रेस प्रतिनिधियों से बात कर रहे थे।
शिबू ने कहा कि झारखंड की 14 सीटों पर भाजपा का कब्जा करने की बात मात्र सपना है। भाजपा लोगों को भ्रमित करती रही है। इस बार जनता भ्रम में नहीं पड़ने वाली है। हम लोगों ने भी जनता के लिए काम किया है। जनता जानती है कि शिबू सोरेन व झामुमो ने उनके लिए क्या किया है। गठबंधन में किसी दल से कोई परहेज नहीं होगा। जिस गठबंधन से झामुमो व प्रदेश का फायदा होगा उस गठबंधन में जाएंगे अन्यथा अकेले चुनाव लड़ेंगे।
शिबू ने कहा कि कार्यकर्ता तैयार हैं। जैसा पार्टी निर्णय लेगी वैसा कार्यकर्ता काम करेंगे। 4 वर्ष में मोदी व रघुवर सरकार ने केवल घोषणा ही की है। सरकार जा चुकी है, केवल चुनाव का इंतजार है। मौके पर जिलाध्यक्ष हीरालाल मांझी, संतोष रजवार, हीरालाल गुप्ता, मो. कलाम, मो. हसन, आलोक ¨सह, महेश मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे।