आखिर क्या वजह है जिसके चलते आज भी महिलाएं नहीं लेती अपने पति का नाम जानिए

हिन्दू धर्म के अनुसार एक इंसान को अपने जन्म से मृत्यु तक कई परंपराओं और रीति-रिवाजों को निभाते हैं. हर काम को उसके सही समय को देखकर ही करना चाहिए. ख़ास तौर पर शादी जैसे बड़े फैसले को जिसमें दो लोग एक दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बिताते हैं. शादी के पवित्र बंधन में जुड़ने के बाद पति-पत्नी के अलावा पूरे परिवार को भी बहुत सी परंपराओं को मानना पड़ता है. ये तो आप भी जानते हैं हिन्दुओं में शादी के बाद महिलाओं को अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का निर्जला वर्त रखना पड़ता है. हिन्दू धर्म के अनुसार एक इंसान को अपने जन्म से मृत्यु तक कई परंपराओं और रीति-रिवाजों को निभाते हैं. हर काम को उसके सही समय को देखकर ही करना चाहिए. ख़ास तौर पर शादी जैसे बड़े फैसले को जिसमें दो लोग एक दूसरे के साथ पूरी जिंदगी बिताते हैं. शादी के पवित्र बंधन में जुड़ने के बाद पति-पत्नी के अलावा पूरे परिवार को भी बहुत सी परंपराओं को मानना पड़ता है. ये तो आप भी जानते हैं हिन्दुओं में शादी के बाद महिलाओं को अपने पति की लंबी उम्र के लिए करवाचौथ का निर्जला वर्त रखना पड़ता है.  इसके अलावा अगर बात करें तो महिलाएं शादी के बाद अपने श्रृंगार पर खास तौर पर ध्यान देती हैं क्योंकि ऐसा माना गया है कि शादी के बाद महिला का सिंदूर और मंगलसूत्र उसके पति की लम्बी उम्र की निशानी होती है और आज हम आपको हिंदू धर्म में शादी के बाद निभाए जाने वाले एक और रिवाज के बारे में बताने जा रहे हैं और वो ये कि आखिर महिलाएं शादी के बाद अपने पति का नाम क्यों नहीं लेती ?   आज भी महिलाएं अपने पति को देवता की तरह पूजती हैं (IMAGE SOURCE) शादी के बाद आखिर क्यों नहीं लेती महिलाएं अपने पति का नाम पहले के समय में महिलाएं अपने पति को एक देवता के समान पूजती थी यहाँ तक की वो उनका नाम लेना भी पाप के समान समझती थी. लेकिन आज के इस बदलते दौर में लड़कियों ने इस परंपरा को बदल दिया है और अब उन्होंने अपने पतियों का नाम लेना शुरू कर दिया है. आज की लड़कियां भले ही लड़कों की बराबरी कर रही हो या उनके साथ कंधे से कंधा मिलकर चल रही हों और पुराने समय के इन रिवाजों को भूलती जा रही हो लेकिन बता दें कि आज भी कुछ महिलाएं ऐसी है जिनका मानना है कि पति का नाम लेने से उनके ऊपर कोई बड़ी मुसीबत आ सकती है, यही वजह है कि वो अपने पति का नाम लेने से डरती है.   आजकल की लड़कियों ने पतियों का नाम लेना शुरु कर दिया हैं (IMAGE SOURCE) पति का नाम लेना से होता है ये बड़ा नुकसान दरअसल, पहले के समय में महर्षि वेदव्यास के मुंह से निकली हुई हर बात को पत्थर की लकीर माना जाता था और उन्हीं के द्वारा लिखी गयी स्कंद पुराण में उन्होंने पति-पत्नी की इस बात का जिक्र भी किया है. उन्होंने लिखते हुए कहा है कि “जो भी पत्नी अपने पति का नाम लेगी उसके पति की आयु धीरे-धीरे कम होती चली जाएगी. यही कारण है जिसकी वजह से आज भी बहुत सी महिलाएं अपने पति का नाम लेने से डरती हैं.   आज भी कई घरों में पतिव्रता महिलाएं हैं (IMAGE SOURCE) आज भी इन सभी चीज़ों का पालन करती है ये महिलाएं स्कंद पुराण के अनुसार ऐसा कहा गया है कि जो महिला अपने पति और परिवार के सभी सदस्यों को पहले खाना खिलाती है और उसके बाद ही भोजन ग्रहण करती है वही सर्वगुण संपन्न महिला कहलाती है. बता दें कि आज भी ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जो अपने घर में सबसे देर में सोती है और सबसे जल्दी उठ जाती है. .

इसके अलावा अगर बात करें तो महिलाएं शादी के बाद अपने श्रृंगार पर खास तौर पर ध्यान देती हैं क्योंकि ऐसा माना गया है कि शादी के बाद महिला का सिंदूर और मंगलसूत्र उसके पति की लम्बी उम्र की निशानी होती है और आज हम आपको हिंदू धर्म में शादी के बाद निभाए जाने वाले एक और रिवाज के बारे में बताने जा रहे हैं और वो ये कि आखिर महिलाएं शादी के बाद अपने पति का नाम क्यों नहीं लेती ?

शादी के बाद आखिर क्यों नहीं लेती महिलाएं अपने पति का नाम

पहले के समय में महिलाएं अपने पति को एक देवता के समान पूजती थी यहाँ तक की वो उनका नाम लेना भी पाप के समान समझती थी. लेकिन आज के इस बदलते दौर में लड़कियों ने इस परंपरा को बदल दिया है और अब उन्होंने अपने पतियों का नाम लेना शुरू कर दिया है. आज की लड़कियां भले ही लड़कों की बराबरी कर रही हो या उनके साथ कंधे से कंधा मिलकर चल रही हों और पुराने समय के इन रिवाजों को भूलती जा रही हो लेकिन बता दें कि आज भी कुछ महिलाएं ऐसी है जिनका मानना है कि पति का नाम लेने से उनके ऊपर कोई बड़ी मुसीबत आ सकती है, यही वजह है कि वो अपने पति का नाम लेने से डरती है

पति का नाम लेना से होता है ये बड़ा नुकसान

दरअसल, पहले के समय में महर्षि वेदव्यास के मुंह से निकली हुई हर बात को पत्थर की लकीर माना जाता था और उन्हीं के द्वारा लिखी गयी स्कंद पुराण में उन्होंने पति-पत्नी की इस बात का जिक्र भी किया है. उन्होंने लिखते हुए कहा है कि “जो भी पत्नी अपने पति का नाम लेगी उसके पति की आयु धीरे-धीरे कम होती चली जाएगी. यही कारण है जिसकी वजह से आज भी बहुत सी महिलाएं अपने पति का नाम लेने से डरती हैं.

आज भी इन सभी चीज़ों का पालन करती है ये महिलाएं

स्कंद पुराण के अनुसार ऐसा कहा गया है कि जो महिला अपने पति और परिवार के सभी सदस्यों को पहले खाना खिलाती है और उसके बाद ही भोजन ग्रहण करती है वही सर्वगुण संपन्न महिला कहलाती है. बता दें कि आज भी ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जो अपने घर में सबसे देर में सोती है और सबसे जल्दी उठ जाती है. .