भारत की एक ऐसी खूबसूरत जगह जहाँ शादीशुदा और प्रेमी जोड़े का जाना होता है बेहद शुभ

हमारे देश में बहुत सी धार्मिक जगह है जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च और भी बहुत से पवित्र स्थान जहाँ, शादीशुदा जोड़ा या प्रेमी जोड़ा अपनी अच्छी जिंदगी की कामना करता है. प्रेमी जोड़ा सात जन्मों तक साथ रहने का वरदान मांगता है. ऐसे ही हमारे देश में काफी ऐतिहासिक जगह हैं और सभी ऐतिहासिक जगह के पीछे अपनी एक अलग कहानी होती है. उन्हीं ऐतिहासिक जगह में शामिल एक हिस्टोरिकल मीनार भी है जिसकी मान्यता के बारे में जानकर आप भी चौंक जाएँगे. तो चलिए जानते हैं इस मीनार की उस मान्यता के बारे में…हमारे देश में बहुत सी धार्मिक जगह है जैसे मंदिर, मस्जिद, चर्च और भी बहुत से पवित्र स्थान जहाँ, शादीशुदा जोड़ा या प्रेमी जोड़ा अपनी अच्छी जिंदगी की कामना करता है. प्रेमी जोड़ा सात जन्मों तक साथ रहने का वरदान मांगता है. ऐसे ही हमारे देश में काफी ऐतिहासिक जगह हैं और सभी ऐतिहासिक जगह के पीछे अपनी एक अलग कहानी होती है. उन्हीं ऐतिहासिक जगह में शामिल एक हिस्टोरिकल मीनार भी है जिसकी मान्यता के बारे में जानकर आप भी चौंक जाएँगे. तो चलिए जानते हैं इस मीनार की उस मान्यता के बारे में…   इस मीनार में भाई-बहन का साथ जाना वर्जित है (image source) आपको बता दें कि इस मीनार में घर वालों के साथ, भाई-बहन और अन्य किसी के साथ जाना बिलकुल मना है. इस खूबसूरत मीनार पर सिर्फ प्रेमी जोड़े या फिर पति-पत्नी ही जा सकते हैं. दरअसल, प्रेमियों के लिए इस मीनार को काफी खास माना जाता है. आज हम आपको बताएँगे कि आखिर इस मीनार में इतना ख़ास क्या है, इस मीनार की उस मान्यता के बारे में और आखिर क्यों इस मीनार में भाई-बहन का जाना वर्जित है.   इस मीनार में नीचे से ऊपर लगाने पड़ते हैं सात चक्कर (image source) ये है इस मीनार का बेहद ख़ास रूल बता दें कि ये मीनार राज्य उत्तरप्रदेश के जालौन में स्थित है. इस मीनार को लंका मीनार के नाम से जाना जाता है. इस मीनार के अन्दर लंकेश रावण के परिवार वालों का चित्रण दीवारों पर उकेरा गया है. इस का मीनार की सबसे खास बात ये है कि इसको बनाने के लिए ईंट, पत्थर या किसी भी घर बनाने वाली चीज़ का इस्तेमाल नहीं किया गया है बल्कि इसको बनाने के लिए कौड़िया, सीप, शंक और दाल आदि का इस्तमाल किया गया है. जिसकी वजह से ये बाकी मीनारों से बेहद अलग और खूबसूरत माना जाता है और इस स्थान को काफी पवित्र भी माना गया है.   इस जगह पर शादीशुदा और प्रेमी जोड़ों का आना होता है शुभ (image source) इस मीनार के निर्माण की कहानी इस मीनार के निर्माण की कहानी के बारे में बात करें तो इसे बनवाने में कुल 1 लाख 75 हजार रुपए का खर्चा हुआ था. इस मीनार को पूरा तैयार होने में 20 साल का समय लगा था. जिस व्यक्ति ने लंका मीनार का निर्माण करवाया था वो रामलीला में  रावण का रोल निभाता था. उस शख्स का नाम मथुरा प्रसाद है, मीनार को बनवाने के बाद उन्होंने ही इसे लंका का नाम  दिया.   इस जगह को प्रेमी जोड़ों के लिए माना जाता है शुभ (image source) इस मीनार में भाई बहनों का जाना है वर्जित तो चलिए अब जानते हैं कि आखिर इस बेहद खूबसूरत जगह पर भाई-बहन का एक साथ जाना वर्जित क्यूँ माना जाता है. आखिर इस जगह में ऐसा क्या है जो इस जगह पर भाई बहन एक साथ नहीं जा सकते. इस बेहद ख़ूबसूरत पर भाई-बहन के ना जाने का कारण ये है कि जब इस मीनार में प्रवेश करते हैं तो मीनार में जाने के लिए नीचें से ऊपर तक की चढ़ाई में सात चक्कर लगाने पड़ते हैं. हिन्दू धर्म में सात बार चक्कर लगाना वो भी एक पवित्र जगह पर शादी माना जाता है. यही वजह है की इस जगह पर भाई-बहन एक साथ नहीं आ सकते. इस मीनार में या तो कोई शादीशुदा जोड़ा या कोई प्रेमी जोड़ा ही आ सकता है.

आपको बता दें कि इस मीनार में घर वालों के साथ, भाई-बहन और अन्य किसी के साथ जाना बिलकुल मना है. इस खूबसूरत मीनार पर सिर्फ प्रेमी जोड़े या फिर पति-पत्नी ही जा सकते हैं. दरअसल, प्रेमियों के लिए इस मीनार को काफी खास माना जाता है. आज हम आपको बताएँगे कि आखिर इस मीनार में इतना ख़ास क्या है, इस मीनार की उस मान्यता के बारे में और आखिर क्यों इस मीनार में भाई-बहन का जाना वर्जित है.

ये है इस मीनार का बेहद ख़ास रूल

बता दें कि ये मीनार राज्य उत्तरप्रदेश के जालौन में स्थित है. इस मीनार को लंका मीनार के नाम से जाना जाता है. इस मीनार के अन्दर लंकेश रावण के परिवार वालों का चित्रण दीवारों पर उकेरा गया है. इस का मीनार की सबसे खास बात ये है कि इसको बनाने के लिए ईंट, पत्थर या किसी भी घर बनाने वाली चीज़ का इस्तेमाल नहीं किया गया है बल्कि इसको बनाने के लिए कौड़िया, सीप, शंक और दाल आदि का इस्तमाल किया गया है. जिसकी वजह से ये बाकी मीनारों से बेहद अलग और खूबसूरत माना जाता है और इस स्थान को काफी पवित्र भी माना गया है.

इस मीनार के निर्माण की कहानी के बारे में बात करें तो इसे बनवाने में कुल 1 लाख 75 हजार रुपए का खर्चा हुआ था. इस मीनार को पूरा तैयार होने में 20 साल का समय लगा था. जिस व्यक्ति ने लंका मीनार का निर्माण करवाया था वो रामलीला में  रावण का रोल निभाता था. उस शख्स का नाम मथुरा प्रसाद है, मीनार को बनवाने के बाद उन्होंने ही इसे लंका का नाम  दिया.

इस मीनार में भाई बहनों का जाना है वर्जित

तो चलिए अब जानते हैं कि आखिर इस बेहद खूबसूरत जगह पर भाई-बहन का एक साथ जाना वर्जित क्यूँ माना जाता है. आखिर इस जगह में ऐसा क्या है जो इस जगह पर भाई बहन एक साथ नहीं जा सकते. इस बेहद ख़ूबसूरत पर भाई-बहन के ना जाने का कारण ये है कि जब इस मीनार में प्रवेश करते हैं तो मीनार में जाने के लिए नीचें से ऊपर तक की चढ़ाई में सात चक्कर लगाने पड़ते हैं. हिन्दू धर्म में सात बार चक्कर लगाना वो भी एक पवित्र जगह पर शादी माना जाता है. यही वजह है की इस जगह पर भाई-बहन एक साथ नहीं आ सकते. इस मीनार में या तो कोई शादीशुदा जोड़ा या कोई प्रेमी जोड़ा ही आ सकता है.