एनडीए में सीटों के बंटवारे को लेकर शुक्रवार को अमित शाह ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद अब रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली बुलाया है। सीट शेयरिंग को लेकर अमित शाह से मुलाकात के लिए आज शाम उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली रवाना होंगे और कल यानि मंगलवार को अमित शाह से इस मुद्दे पर उनकी फाइनल बातचीत होगी। 
कहा जा रहा है कि अब उपेंद्र कुशवाहा ने भी सीटों के समीकरण को सुलझाने के लिए भाजपा अध्यक्ष से मिलने का मन बनाया है और भाजपा अध्यक्ष भी अब सहयोगियों से सीटों का तालमेल कर लेना चाहती है इसीलिए अमित शाह ने उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली तलब किया है।
बीते शुक्रवार को जदयू-भाजपा ने सीटों के तालमेल को लेकर मुलाकात के बाद संयुक्त प्रेसवार्ता की और बताया कि लोकसभा चुनावों में बिहार में जेडीयू और बीजेपी बराबर सीटों पर लड़ने जा रही हैं। इसके साथ ही भाजपा और जदयू के बीच चल रही खींचतान के कयासों पर विराम लग गया है लेकिन बिहार के बाकी एनडीए सहयोगी भी इस मुद्दे पर अब अपनी बात रखेंगे।
बता दें कि दिल्ली में बीजेपी और जदयू के बीच सीटों के तालमेल के बाद एनडीए के अन्य घटक दलों, रालोसपा और लोजपा में भी खलबली मची हुई है। जहां एक ओर लोजपा भी सीटों के बंटवारे से उतनी खुश नहीं है वहीं उपेंद्र कुशवाहा ने भी राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात कर भाजपा की बेचैनी बढ़ा दी है। अब अमित शाह और उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकात को कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘उपेंद्र कुशवाहा को पहले भी अपनी पार्टी में न्योता दे चुके हैं। अब फैसला उन्हें करना है। वो महागठबंधन में आते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे।
बता दें कि तेजस्वी और कुशवाहा दोनों ने तकरीबन 15 मिनट तक अरवल सर्किट हाउस में राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा की। लेकिन, जब इस मामले पर रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से पूछा गया वो सीटों के बंटवारे के मुद्दे से साफ इनकार कर गए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ‘हम एनडीए के साथ थे और एनडीए के साथ ही रहेंगे।’
मिली जानकारी के मुताबिक इस समझौते में आरएलएसपी को सिर्फ 2 सीटें मिलने का प्रस्ताव है, जिससे उपेंद्र कुशवाहा नाराज़ हो गए हैं। तेजस्वी से मुलाकात के बाद कुशवाहा ने कहा कि एनडीए में सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
बीजेपी और जेडीयू में सीटों की सहमति को लेकर रालोसपा नेता ने कहा कि 50:50 के फार्मूले का कोई अंत नहीं है। यह 5-5 सीट या 15-15 सीट या 25-25 सीट भी हो सकता है। जब तक कुछ तय नहीं होता है तब तक कुछ बोलना कैसे संभव है?
रालोसपा नेता नागमणि ने इशारों में दे डाली धमकी
कुशवाहा ने भले ही कुछ नहीं कहा, लेकिन रालोसपा के नागमणि ने बात रख ही दी। उन्होंने कहा कि अगर जनाधार के आधार पर न्याय नहीं मिला तो पार्टी विचार करेगी। उन्होंने यह भी कह दिया कि तेजस्वी व कुशवाहा की मुलाकात रंग दिखा सकती है।