
इससे पहले पीएम मोदी ने पिछले महीने 30 सितंबर को 48वीं बार ‘मन की बात’ की थी, जिसमें उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और देश के वीर जवानों के पराक्रम का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने 2016 में हुई सर्जिकल स्ट्राइक को याद करते हुए कहा कि हमारे सैनिकों ने हमारे राष्ट्र पर आतंकवाद की आड़ में प्रॉक्सी वॉर की धृष्टता करने वालों को मुँहतोड़ जवाब दिया था।
उन्होंने पराक्रम पर्व का भी जिक्र करते हुए कहा था कि देश में अलग-अलग स्थानों पर हमारे सशस्त्र बलों ने प्रदर्शनी लगाई ताकि अधिक से अधिक देश के नागरिक खासकर युवा-पीढ़ी यह जान सके कि हमारी ताकत क्या है। पराक्रम पर्व जैसा दिवस युवाओं को हमारी सशस्त्र सेना के गौरवपूर्ण विरासत की याद दिलाता है और देश की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए हमें प्रेरित भी करता है।
इसके अलावा पीएम मोदी ने शांति सेना का भी जिक्र करते हुए कहा था कि भारत सदा ही शांति के प्रति वचनबद्ध और समर्पित रहा है। 20वीं सदी में दो विश्वयुद्धों में हमारे एक लाख से अधिक सैनिकों ने शांति के प्रति अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आज भी यूएन की अलग-अलग शांति सेना में भारत सबसे अधिक सैनिक भेजने वाले देशों में से एक है।
इस दौरान पीएम मोदी ने भारतीय वायुसेना और नौसेना के भी पराक्रम की सराहना की थी। साथ ही उन्होंने गांधी जयंती का भी जिक्र करते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया और हमेशा उनकी बताई राह पर चलने के लिए प्रेरित किया।