अमित शाह और नितीश कुमार ने RLSP-LJP की, नाराजगी की वजह से सीटों की घोषणा नही की

बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे पर बीजेपी और जेडीयू के बीच सहमति की मुहर लग चुकी है. हालांकि लोगों को वो आंकड़े सुनने को नहीं मिले जिसका वे इंतजार कर रहे थे, यानी कि बिहार में एनडीए के चार पार्टनर कितने-कितने सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. शुक्रवार को दिल्ली में शाम को मीडिया के सामने नीतीश कुमार और अमित शाह मुस्कुराते पेश हुए. एक बेहद छोटी सी मुलाकात में अमित शाह ने कहा कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस वक्त रामविलास पासवान और उपेन्द्र कुशवाहा भी एनडीए में हैं और उन्हें सम्मानजनक सीटें दी जाएगीं. सीएम नीतीश कुमार ने भी लगभग इसी बयान को दोहराया.

जब इन नेताओं से पत्रकारों ने सीटों के गणित पर पूछा तो दोनों ही नेताओं ने कहा कि दो-तीन दिन में इसकी घोषणा की जाएगी. यहां आकर सीट बंटवारे का पेंच फिर फंस जाता है. सवाल यह है कि अगर बिहार एनडीए के सभी दलों में सहमति थी तो सीटों की सही संख्या का ऐलान शुक्रवार को क्यों नहीं हुआ? सूत्रों के मुताबिक आरएलएसपी और एलजेपी के हिस्से में जितनी सीटें आ रही हैं, इससे ये दोनों ही दल नाखुश हैं. इसलिए अभी सीटों की घोषणा नहीं हुई है. माना जा रहा है सीटों की अंतिम घोषणा से पहले दो से तीन राउंड बैठक और होगी. इस बीच शाह-नीतीश की ओर से आरएलएसपी-एलजेपी को मिलने वाली सीटों को संकेतों में बताया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक विकल्प यह है कि जेडीयू और बीजेपी 16-16 सीटों पर चुनाव लड़ें, जबकि एलजेपी को 6 और आरएलएसपी को 2 सीटें मिल सकती हैं. दूसरा विकल्प उस हालत में अमल में लाया जा सकता है जब आरएलएसपी एनडीए छोड़ दे. इस हालत में दोनों पार्टियां 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेगीं और 6 सीटें एलजेपी को दी जाएंगी. बता दें कि एलजेपी 2014 में 6 सीटें जीती थीं, जबकि आरएलएसपी ने 3 सीटें हासिल की थी. आरएलएसपी का तीन से कम सीटों पर राजी हो पाना मुश्किल सा लगता है.

बता दें कि जब दिल्ली में अमित शाह और नीतीश कुमार अपने डील के बार में मीडिया को बता रहे थे, लगभग उसी समय बिहार के अरवल में केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिल रहे थे. हालांकि उन्होंने इस मुलाकात को महज संयोग बताया और कहा कि वे अभी भी एनडीए में हैं और मोदी को फिर से पीएम बनाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीं तेजस्वी ने कहा कि एनडीए में उपेंद्र कुशवाहा का अपमान हो रहा है.  

बिहार में लोकसभा की 40 सीटें हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में 40 सीटों में से 31 पर एनडीए ने सफलता पाई थी जिसमें 22 सीटें बीजेपी, अकेले चुनाव लड़ी जेडीयू को महज 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा था.