पारसनाथ से आदिवासियों को बेदखल करना चाहती है सरकार: हेमंत सोरेन

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी के समक्ष समस्याओं का अंबार बढ़ता जा रहा है। किसी की जमीन लूटी जा रही है तो कोई पुलिस से त्रस्त है। यानी हर ओर शोषण का माहौल है। सभी जैन संस्थाएं पारसनाथ पर्वत पर एकाधिकार चाह रही हैं। पारसनाथ से आदिवासियों को बेदखल करना चाह रही हैं। मधुबन में भी सरकार वही कर रही है जो जैन संस्थाएं चाहती हैं। हर ओर अराजकता फैली हुई और इसका एकमात्र कारण झारखंड विरोधियों को सत्ता देकर झारखंड का मालिक बनाना। इस समस्या का एकमात्र इलाज है सरकार परिवर्तन है। वे गुरुवार को मधुबन स्थित हटियाटांड़ मैदान में झामुमो की रैली एवं आमसभा को संबोधित कर रहे थे। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी के समक्ष समस्याओं का अंबार बढ़ता जा रहा है। किसी की जमीन लूटी जा रही है तो कोई पुलिस से त्रस्त है। यानी हर ओर शोषण का माहौल है। सभी जैन संस्थाएं पारसनाथ पर्वत पर एकाधिकार चाह रही हैं। पारसनाथ से आदिवासियों को बेदखल करना चाह रही हैं। मधुबन में भी सरकार वही कर रही है जो जैन संस्थाएं चाहती हैं। हर ओर अराजकता फैली हुई और इसका एकमात्र कारण झारखंड विरोधियों को सत्ता देकर झारखंड का मालिक बनाना। इस समस्या का एकमात्र इलाज है सरकार परिवर्तन है। वे गुरुवार को मधुबन स्थित हटियाटांड़ मैदान में झामुमो की रैली एवं आमसभा को संबोधित कर रहे थे।  हेमंत सोरेन ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में समय के साथ अराजकता बढ़ती जा रही है। लिहाजा जनता आक्रोशित हो रही है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं तथा महिलाएं प्रताड़ित हो रही हैं। ये सब भाजपा सरकार की असफलता का ही द्योतक है। पीरटांड़ के लोगों से वह भावनात्मक रूप से जुड़ना चाह रहे थे। उन्होंने यह जताने की पुरजोर कोशिश की कि वे भी सामने खड़ी भीड़ के बीच का नेता हैं। यही वजह है कि लगभग 25 मिनट के अपने भाषण का साठ फीसद भाग उन्होंने संथाली भाषा में ही दिया। कहा कि सभी जैन संस्थाएं पारसनाथ पर्वत पर एकाधिकार चाह रही हैं। पारसनाथ से आदिवासियों को बेदखल करना चाह रही हैं। आदिवासियों को जागने तथा आंदोलन को एक नई दिशा देने की जरूरत है।   पीरटांड़ में लाभुकों के बीच गैस किट का वितरण यह भी पढ़ें उन्होंने विश्वास दिलाया कि अभी वे सत्ता में नहीं हैं। यही वजह है कि वे केवल आंदोलन कर सकते हैं पर अगर सत्ता में आ गए तो जुग जाहेर का सौंदर्यीकरण कर देंगे। आगे कहा कि पुलिस यहां के लोगों को प्रताड़ित कर रही है। स्थानीय सांसद व विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों भाजपा के ही हैं, पर कभी भी यहां की समस्याओं को दूर नहीं करना चाहते हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री द्वय मथुरा प्रसाद महतो व हाजी हुसैन अंसारी, मांडू विधायक जयप्रकाश पटेल, डुमरी विधायक जगरनाथ महतो, सुदिव्य कुमार सोनू, दिनेश यादव, संजय सिंह, करमिला टुडू, प्रमिला मेहरा आदि ने भी सभा को संबोधित किया। हेमंत ने बाद में चिरकी में अजय टुडू के शहादत दिवस के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। दोनों जगहों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे

हेमंत सोरेन ने कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में समय के साथ अराजकता बढ़ती जा रही है। लिहाजा जनता आक्रोशित हो रही है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं तथा महिलाएं प्रताड़ित हो रही हैं। ये सब भाजपा सरकार की असफलता का ही द्योतक है। पीरटांड़ के लोगों से वह भावनात्मक रूप से जुड़ना चाह रहे थे। उन्होंने यह जताने की पुरजोर कोशिश की कि वे भी सामने खड़ी भीड़ के बीच का नेता हैं। यही वजह है कि लगभग 25 मिनट के अपने भाषण का साठ फीसद भाग उन्होंने संथाली भाषा में ही दिया। कहा कि सभी जैन संस्थाएं पारसनाथ पर्वत पर एकाधिकार चाह रही हैं। पारसनाथ से आदिवासियों को बेदखल करना चाह रही हैं। आदिवासियों को जागने तथा आंदोलन को एक नई दिशा देने की जरूरत है।

उन्होंने विश्वास दिलाया कि अभी वे सत्ता में नहीं हैं। यही वजह है कि वे केवल आंदोलन कर सकते हैं पर अगर सत्ता में आ गए तो जुग जाहेर का सौंदर्यीकरण कर देंगे। आगे कहा कि पुलिस यहां के लोगों को प्रताड़ित कर रही है। स्थानीय सांसद व विधायक पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों भाजपा के ही हैं, पर कभी भी यहां की समस्याओं को दूर नहीं करना चाहते हैं। इस दौरान पूर्व मंत्री द्वय मथुरा प्रसाद महतो व हाजी हुसैन अंसारी, मांडू विधायक जयप्रकाश पटेल, डुमरी विधायक जगरनाथ महतो, सुदिव्य कुमार सोनू, दिनेश यादव, संजय सिंह, करमिला टुडू, प्रमिला मेहरा आदि ने भी सभा को संबोधित किया। हेमंत ने बाद में चिरकी में अजय टुडू के शहादत दिवस के मौके पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। दोनों जगहों पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे