
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेने ने कहा कि अगर गुरुजी (शिबू सोरेन) ने निर्देश दिया है कि गठबंधन नहीं होगा तो वे उनसे मुलाकात कर इस बारे में बातचीत करेंगे। इसके बाद हीं पार्टी किसी ठोस नतीजे पर पहुंचेगी। काफी कुरेदने के बावजूद हेमंत सोरेन ने विपक्षी गठबंधन को लेकर अपनी राय स्पष्ट नहीं की। बोले, जो फैसला होगा, उससे मीडिया को अवगत करा दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने जामताड़ा में संगठन के एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि वे गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने बूते चुनाव लड़ेगी। शिबू सोरेन के बयान से विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की कोशिश में जुटी कांग्रेस को झटका लगा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और वामदल एमसीसी के विधायक अरूप चटर्जी से मुलाकात की थी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने हेमंत सोरेन को भी बैठक में शामिल होने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने इससे दूरी बनाई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के तल्ख तेवर को ज्यादा सीटें लेने के लिए दबाव बनाने की राजनीति के तौर पर देखा जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा लोकसभा चुनाव में छह सीटों पर दावेदारी ठोंक रहा है जबकि विधानसभा चुनाव में उसकी दावेदारी 45 सीटों की है।