
राज्य सरकार 500 गांवों को हर्बल गांवों के रूप में विकासित करेगी। बुधवार को आरोग्य भारती की संगोष्ठी में मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छत्तीसगढ़ की तर्ज पर 500 गांवों को गोद लेकर इन्हें हर्बल गांवों के रूप में विकसित किया जाएगा। सीएम ने आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और हर पंचायत में आयुर्वेदिक चिकित्सक मुहैया कराने की बात भी कही। उन्होंने इस दिशा में आरोग्य भारती द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की और उनके सुझाव आमंत्रित किए। यह भी कहा कि यदि आरोग्य भारती इस क्षेत्र में सरकार का पार्टनर बनकर काम करना चाहे तो सरकार बनाएगी। 
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति देश की प्राचीन पद्धति है। हमारे देश की प्राचीन पद्धति को विदेशों में भी अब लोग ग्रहण कर रहे हैं। आयुर्वेद चिकित्सा के क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं है। सीएम ने कहा कि झारखंड में जड़ी-बूटियों का भंडार है। राज्य सरकार मेडिसिनल प्लाट बोर्ड को क्रियाशील करेगी। इस बोर्ड के माध्यम से आयुर्वेदिक दवाइया बनाने का काम किया जाएगा। झारखंड की दवाईयां विदेशों तक जाएंगी। यह रोजगार का भी एक माध्यम बनेगा। उन्होंने स्वीकारा कि झारखंड में जितने अस्तपाल होने चाहिए नहीं हैं, डाक्टरों की कमी है।
इस कमी को आयुर्वेद, योग व अन्य चिकित्सा पद्धति के मध्यम से कम किया जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की। कहा, गोड्डा होम्योपैथी कॉलेज का नया भवन बनकर तैयार है, जल्द ही इस कॉलेज का शुभारंभ होगा। चाईबासा में आयुर्वेदिक कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। गिरिडीह में यूनानी कॉलेज का भवन बनकर तैयार है, इसका संचालन पीपीपी मोड पर किए जाने की योजना है। 50 बेडेड आयुष अस्पताल के लिए इटकी में पांच एकड़ जमीन चिन्हित की गई है साथ ही भारत सरकार को इसके लिए प्रस्ताव भी भेजा गया है। सेंट्रल काउंसिल ऑफ योग एंड नेचुरोपैथी को राची में जगह दी गई है, यह केंद्र एक महीने में प्रारंभ हो जाएगा।
एनएचएम कैंपस में हर्बल गार्डन को विकसित करने का कार्य प्रगति पर है। इससे पूर्व आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक वाष्र्णेय ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के उपयोग, महत्व एवं लाभ पर जानकारी दी। साथ ही उन्होंने आयुर्वेद के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं पर प्रकाश भी डाला। इस अवसर पर आरोग्य भारती के राष्ट्रीय सचिव राकेश पंडित, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक सिद्धिनाथ सिंह, प्रात अध्यक्ष डॉ. रश्मि सिन्हा, सहक्षेत्र संघ चालक देवव्रत पाहन, प्रात प्रचारक रविशकर, क्षेत्रीय संगठन मंत्री भोलानाथ, प्रवीण प्रभाकर, सुबोध सिंह गुड्डू सहित आरोग्य भारती के कार्यकर्ता एवं अन्य लोग उपस्थित थे। आयुर्वेद में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सीएम ने किया सम्मानित मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैद्य तोरान बानरा, बंधन सिंह खेरवार, मोहन हासदा व चंद्रभूषण पाठक को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति से संबंधित एक पुस्तिका का भी विमोचन मुख्यमंत्री ने किया।