
सीतापुर ।जिले मे फायर बिग्रेड की उग्र कार्यशैली से व्यापारी और स्कूलो के प्रबन्धक का कहना है कि अग्निशमन विभाग के कुछ कर्मचारी अपने दबाव के चलते ही पहले फायर सिलेण्डर लगावा देते हैं और उसके बाद उन सिलेण्डर की रिफलिग के नाम पर अनावश्यक दबाव बना कर रिफलिग करवा रहे है, कुछ कार्मचारी अपने चहते फायर एजेंसी से रिफलिग कराने का दबाव लगातार बनाते है।
देखने को मिल रहा है कि जिले में फायर विभाग स्कूल, कालेज, होटल, लांज तथा लघु उधोगो मे जांच के नाम पर धन उगाही करने की शिकायत अक्सर मिलती रहती है। रिफलिंग के नाम पर एक हजार से दो हजार रू.तक एक सिलेडर लेकर वसूले जाने की बात समाने आ रही है जानकारी के अनुसार फायर बिग्रेड जनता हित मे यह कार्य है कि स्कूल, प्रतिष्ठन पर जा कर आग बुझाने की उपाय के बारे मे जानकारी उपलब्ध कराएं तथा मानकानुसार कार्य प्रभावित ढंग से कार्य सुनिश्चित किया जाए। अग्निशमन मानक विपरीत तैयार निर्मित भवन को विभागीय नोटिस भेजने का प्रावधान है? परन्तु फायर बिग्रेड की अजूबा कार्यशैली औऱ सीतापुर का फायर बिग्रेड प्रदेश में अलग ही नजर आ रहा है। सी एफ ओ द्वारा जो ए. ओ.ने सी.जारी की जा रही है? उस एनओसी में स्पष्ठता नज़र ना आकर कार्य संतोष जनक जैसा उल्लेख किया जा रहा है.?नगर में धन वसूली के इस काम पर अंकुश लगाना टेढी खीर साबित हो रहा है दूसरी तरफ मानक के विपरीत स्कूल, लाज, होटल औऱ दरी उधोग मे फायर सिस्टम की धज़्ज़िया उड़ाई जा रही हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक व्यापारी ने बताया की हमारी संस्था (कालपनिक) पाच सिलेडर लगे हुए हैं परन्तु फायर विभाग की तानाशाही के चलते कुछ ना कुछ पेच निकाल कर विभाग के कुछ सिपाही आये दिन वसुली करते है और इस धमक के साथ यह बताने से नही चूकते है कि यह सब बड़े साहब मतलब (सीएफओ) के आदेश पर किया जारहा है, जब कोई सीएफओ से इस धन वसूली से साफ इंकार तो करते है लेकिन धन वसूली करने वाले किसी भी सिपाही पर कार्रवाई करने से हीलाहवाली करते रहते है।
जनपद के कड़क मिज़ाज, तेज़तर्रार औऱ जनता से सीधा सवांद रखने वाले पुलिस अधीक्षक के आदेश को ठेंगा दिखाने में फायर बिग्रेड का कोई अन्य विभाग सानी नहीं है।