
केंद्र सरकार ने डाक विभाग को बिजली विहीन घरों के सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत दूर ग्रामीण क्षेत्रों के घरों तक खबर या चिट्ठी पहुंचाने वाले डाकिए अब उन घरों की जासूसी भी करेंगे, जो अभी तक बिजली विहीन है। डाकिया बिजली से वंचित घरों को चिह्नित करके रिपोर्ट विभाग को देंगे, ताकि उन परिवारों को सौभाग्य योजना से जोड़कर बिजली उपलब्ध कराई जा सके। 25 अक्तूबर तक यह कार्य पूरा किया जाना है। अधिकारियों की मानें तो सरकार की मंशा है कि हर घर में बिजली होनी चाहिए। इसके तहत सौभाग्य योजना शुरू की गई। 
अब तक इसका जिम्मा बिजली विभाग के पास था। वह सर्वे करके अपने हिसाब से घरों को बिजली कनेक्शन दे रही थी। इसमें कई खामियां मिलने के बाद में सरकार ने इसमें परिवर्तन किया और सर्वे करने का जिम्मा डाक विभाग के डाकिया को दिया, ताकि पता चल सके कि किस घर में बिजली का कनेक्शन है और किस में नहीं है। ऐसे में ग्रामीण डाक सेवकों को कुछ निर्धारित बिंदुओं पर जानकारी जुटाकर ऊर्जा निगम को ऑनलाइन भेजनी होगी। क्योंकि सर्वे की तिथि शासन की ओर से 25 अक्तूबर रखी गई है। ऐसे में डाक विभाग के अधिकारी सर्वे के कार्य पर निगाह रखे हुए हैं, ताकि समय से यह पूरा हो सके।
जानें, क्यों कराया जा रहा सर्वेक्षण
सामान्य रूप से राज्य सरकार ने रामगढ़ के बाद बोकारो जिले को शतप्रतिशत विद्युतीकृत जिला घोषित करते हुए यह कह दिया कि सभी घरों में बिजली पहुंच चुकी है। लेकिन सरकारी दावे की सच्चाई की पुष्टि तब हो पाएगी जब एक-एक घर का सर्वेक्षण हो सके। इसी को आधार मानकर केन्द्र सरकार 2019 में अपने आंकड़ों को जनता तक पहुंचाने का काम करेगी। दूसरा भविष्य में डाक विभाग को बिजली बिल वसूली से लेकर अन्य काम से विभाग को जोड़ा जा सके।