दीदार कीजिए हरदोई की धक्कामार एम्बुलेंस का’

मरीज से ज्यादा बीमार है एंबुलेंस धक्के देने के बाद चली
एम्बुलेंसों में आये दिन रहती खराबी धक्के के सहारे चल रहीं स्वास्थ्य सेवाएं
हरदोई शहर की आवास विकास कालोनी के पास बन्द हुई एम्बुलेंस
लाख कोशिश के बाद भी नही चली तो आसपास के लोगों ने दिए धक्क

मरीज लेने जा रही थी स्वास्थ्य विभाग की एम्बुलेंस

एक फिल्म का गाना है ‘चल यार धक्का मार’ चल ले चल खटारा खींच के’ये गाना हकीकत में फिट बैठता है हरदोई में यहां की एंबुलेंस में जब तक धक्के नहीं मारे जाते यह चलती नहीं है।कुछ ऐसा ही नजारा शहर की आवाज़ विकास कालोनी में देखने को मिला तो लोगों की जुबां पर यह गाना अनायास आ गया।

हरदोई शहर की आवाज़ विकास कालोनी के पास एक मरीज को इलाज के लिए जिला अस्पताल जाना था ऐसे में सरकार की सेवाओं का फायदा उठाने के लिए एम्बुलेंस को फोन किया गया।एम्बुलेंस मौके पर पहुंचती इससे पहले ही वह बन्द हो गयी।ड्राइवर ने गाड़ी स्टार्ट करना चाही, लेकिन नहीं हुई। धक्का लगवाया, फिर भी नहीं हुई। काफी देर तक एंबुलेंस आती नहीं दिखी तो लोगों ने मरीज को जैसे-तैसे निजी साधन से अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने एकबार फिर लोगों का इस सेवा से विश्वास उठा दिया। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही चिकित्सा विभाग की दिख रही है। इन एंबुलेंस की मानिटरिंग का जिम्मा जिन विभागीय अधिकारियों पर है, वे वाहनों का अवलोकन तक नहीं करते। इस कारण लोगों को मौत के मुंह से दोबारा जिंदगी की ओर ले जाने वाला साधन खुद इतने बीमार हो गए कि दम तोड़ते नजर आ रहे हैं और अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे है।