
जोड़ फाटक के पास हुए हादसे को लेकर बड़ी बात सामने आई है। यहां आयोजित दशहरा कार्यक्रम के लिए प्रशासन की अनुमति नहीं लेने की बात की जा रही है। लेकिन, दशहरा कार्यक्रम का अायोजन करने वाली कमेटी का कहना है कि इसके लिए अनुमति लेने साथ-साथ पुलिस से सुरक्षा प्रबंध करने का अनुरोध किया गया था। दशहरा कमेटी का दावा है कि पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजन पर ‘नो आब्जेक्शन’ भी दिया था। दूसरी ओर रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि लोग ट्रेन की आवाज नहीं सुन सके। ट्रेन की अधिक गति अधिक होने के बारे में जांच कराई जाएगी।
दूसरी ओर, लाेगों का कहना है कि हादसे का सबसे बड़ा कारण प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक दखलंदाजी रही। जोड़ा फाटक में पुतलों के दहन के दौरान न तो पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था थी और न ही किसी हादसा की स्थिति में बचाव के उपाय किए गए थे। इसका बाद भी आयोजन होने दिया गया।