
अमृतसर के जोड़ा रेलवे फाटक के पास डीएमयू ट्रेन लोगों पर चढ़ने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके कारण कई ट्रेनों को रद करना पड़ा है, जबकि कई ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना आदि रेलवे स्टेशनों पर लोग सुबह से ही ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई लोगों को ट्रेनों को रद होने की सूचना के बाद मायूस लौटना पड़ा। वहीं, रेलवे का कहना है कि वह ट्रेनों को चलाने के लिए तैयार है, लेकिन पंजाब सरकार उसे सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं दे रही है।
रेलवे ने शनिवार को 20 ट्रेनों को पूर्णत: रद, 6 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद करने के साथ ही 11 ट्रेनों को बदले रूट से चलाने का फैसला किया। घटना के बाद अमृतसर पहुंचे रेलवे के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। यह जानकारी फिरोजपुर मंडल रेलवे के प्रवक्ता व एडीआरएम नरेश कुमार वर्मा द्वारा दी गई है।
एडीआरएम वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को अमृतसर में हुए हादसे में लगभग 58 लोग मरे व 48 घायल हुए हैं, हालांकि इस संख्या में बदलाव हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में रेलवे की किसी प्रकार से कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है, फिर भी घटना आंतरिक जांच की जा रही है।
घटना के दूसरे दिन भी जालंधर-अमृतसर रेलवे सेक्शन के बाधित रहने पर उन्होंने कहा कि जब तक पंजाब रेलवे को सिक्योरिटी क्लीयरेंस नहीं देती है तब तक रेलगाड़ियों का परिचालन संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि रेलवे रेलगाड़ियों का परिचालन करने के लिए तैयार है, जैसे ही पंजाब सरकार की ओर से सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलेगा तुरंत ही रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।