
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई। देश अगर इस सूत्र वाक्य पर आगे बढ़ रहा है तो इसकी मुख्य वजह है हिंदी भाषा। भाषाई विविधता वाले भारत देश में भले ही 123 मातृ भाषाएं हैं, मगर अपनी मातृ भाषा के अलावा दूसरी भाषा (बाइलिंगुअलिज्म) या तीसरी भाषा (ट्राइलिंगुअलिज्म) की बात की जाए तो सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा हिंदी ही है।
भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों में पता चला है कि जिन लोगों की मातृ भाषा हिंदी नहीं है, ऐसे 13.89 करोड़ लोगों की दूसरी भाषा हिंदी ही है। यदि तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को शामिल किया जाए तो यह आंकड़ा और भी ऊपर चला जाता है।