
कोशिशें रंग लाईं तो पूर्वोत्तर राज्यों की भांति उत्तराखंड में हॉर्टी टूरिज्म (औद्यानिकी पर्यटन) यहां की आर्थिकी संवारने में अहम भूमिका निभाएगा। उद्यान विभाग के चौबटिया और धनोल्टी स्थित राजकीय उद्यानों में शुरू की गई पहल के अच्छे नतीजों को देखते हुए राज्य सरकार अब सेलाकुई, ढालवाला, रामगढ़ और मजखाली में इसे धरातल पर आकार देने की तैयारी में है। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। सरकार की मंशा औद्यानिकी पर्यटन को बढ़ावा देकर इसके जरिये रोजगार की अधिक से अधिक संभावनाएं तलाशने की है।
दरअसल, पूर्वोत्तर राज्यों में चाय बागानों के अलावा अन्य बागीचों को पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया गया है और इसके अच्छे नतीजे भी सामने आए हैं। इसे देखते हुए उत्तराखंड में पहल की गई और चौबटिया (रानीखेत) स्थित उद्यान विभाग के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय उद्यान के दरवाजे पर्यटकों के लिए खोले गए। वहां पर्यटक सूचना केंद्र, ढाई किमी का पैदल ट्रैक, आदर्श उद्यान, पुष्प वाटिका, सेब समेत अन्य उत्पादों की बिक्री को केंद्र समेत अन्य कदम उठाए गए।