
अमृतसर के जोड़ा फाटक पर शुक्रवार की रात दशहरा के रावण दहन के दौरान हुए दर्दनाक रेल हादसा में मरने वालों में बिहार के भी कई लोगों के शामिल होने की आशंका हैं। इस बीच बिहार के चार लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। घटना के बाद अभी भी कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
आठ बिहारियाें के मौत की आशंका, चार की पुष्टि
मिली जानकारी के अनुसार अमृतसर रेल हादसे में मारे गए लोगों में एक की पहचान पटना के मोकामा निवासी टुन्नी महतो के बेटे नीतीश कुमार के रूप में की गई है। नीतीश अमृतसर में मजदूरी करने गया था। हादसे में मारे गए गोपालगंज (बरौली) के भी एक युवक राजेश भगत की पहचान की गई है।
भागलपुर के सबौर प्रखंड अंतर्गत ममलखा पंचायत के चांयचक ममलखा महादलित टोला के जितेंद्र तथा उनके एक साल के पुत्र शिवम की मृत्यु हो गई, जबकि जितेंद्र की पत्नी आरती मरणासन्न स्थिति में है।
ट्रैक के आसपास स्थित घरों की छतों पर मौजूद कुछ लोगों ने दूरभाष पर बताया कि घटनास्थल पर स्थानीय लोगों के अलावा उत्तर प्रदेश व बिहार के आप्रवासी भी रावण दहन देखने गए थे। उनमें कई अभी भी लापता हैं। अनधिकृत जानकारी के अनुसार मरने वालों में आठ बिहार के बताए जा रहे हैं।
ऐसे हुई दुर्घटना
विदित हो कि रेल पटरी के पास रावण दहन के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। आजिशबाजी व लाउडस्पीकर की तेज आवाज तथा अंधेरे के कारण ट्रेन के आने पर जबतक लोग संभल पाते, विलंब हो चुका था। ट्रेन लोगों को कुचलतीं चली गई। घटना के बाद 150 से ज्यादा खून से लथपथ घायल या मरे लोग रेल ट्रैक और उसके आसपास पड़े पत्थरों पर पड़े थे।
जारी किए हेल्पलाइन नंबर
रेलवे ने पीडि़तों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये हैं…