#MeToo पर बोली चित्रांगदा सिंह, ‘बिना सोचे समझे सिर्फ मर्दों को दोष देना बेकार’

बॉलीवुड एक्ट्रेस चित्रांगदा सिंह का मानना है कि ‘मीटू’ अभियान (#MeToo movement) पुरुष बनाम महिला युद्ध नहीं है और न ही यह पुरुषों को अपराधी ठहराए जाने वाला अभियान है. उनका कहना है, ”यह अभियान सभी के लिए समाज को सुरक्षित बनाए जाने के लिए है. हर बदलाव की शुरूआत तभी होती है, जब हम बातचीत की शुरूआत करते हैं.

चित्रांगदा ने कहा, ”सच कहूं तो पश्चिमी सभ्यता वाले समाज में और हमारे समाज में बहुत बड़ा अंतर है. अंग्रेजी के शो और फिल्में देख लेने से ही हम उस समाज का हिस्सा नहीं बन जाते.” चित्रांगदा ने कहा कि यह अभियान महिला बना पुरुष युद्ध नहीं है. इसमें केवल पुरुषों को अपराधी नहीं ठहराया जा रहा है.”

इसके अलावा उन्होंने कहा, “हमारे समाज और हमारी सोच में अंतर है. यही कारण है कि हमारे ‘मीटू’ अभियान में समानता नहीं है. मैं तनुश्री दत्ता के बारे में कहूंगी कि उन्होंने एक बात सही कही थी कि एक अभियान के लिए समाज को उस प्रकार का वातावरण बनाना जरूरी है.” चित्रांगदा का मानना है कि बदलाव के लिए महिला और पुरुष को साथ मिलकर काम करना होगा.