
राजधानी में 21 साल पहले शहीद हुए दारोगा आरके सिंह की जांबाजी और शौर्य को याद कर आज भी पुलिस कर्मियों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला से हजरतगंज स्थित जनपथ मार्केट में हुई मुठभेड़ के दौरान सिर में छह गोलियां लगने के बाद भी करीब 10 मिनट तक मोर्चा संभाले रहे थे। उधर, मार्केट के दूसरे गेट पर मुठभेड़ में लगे पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे आइपीएस राजेश कुमार पांडेय और उनके साथियों ने माफिया डॉन के दाहिने हाथ कहे जाने वाले तुनियांराम को मार गिराया था। 
आइपीएस राजेश पांडेय बताते हैं कि नौ सितंबर 1997 की शाम सूचना मिली माफिया डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला गिरोह के शातिर अपराधियों के साथ हजरतगंज जनपथ मार्केट स्थित बाम्बे हेयर कटिंग सैलून पहुंच रहा है। उसके साथ में जो अपराधी हैं उनके पास एके 47 और पिस्टल भी है। इस पर एएसपी पश्चिम सत्येंद्र वीर सिंह के पेशकार दारोगा रवींद्र कुमार सिंह, गनर रणकेंद्र सिंह के साथ जनपथ मार्केट पहुंचे। कुछ देर बाद पांच लोग आते दिखाई दिए।