
सिधौली- सीतापुर: महापुरुषों के नाम से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए क्योंकि ऐसी कार्यसंस्कृति से देश की अनमोल संस्कृति को चोट पहुँचती है. यह बात निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल ( निषाद पार्टी ) के आवाह्न पर आयोजित कार्यकर्ता बैठक को सम्बोधित करते हुऐ लखनऊ मण्डल उपाध्यक्ष राजेश कश्यप ने कही.
प्रदेश और देश में विराजमान भाजपा सरकार महापुरुषों के साथ भी भेदभाव कर रही है क्योंकि बिगत महीने में मुगलसरांय का नाम बदलकर पण्डित दीनदयाल उपाध्याय रखा जबकि अभी हाल में इलाहाबाद का नाम बदलकर केवल प्रयाग राज रखा है यह भेदभाव परक संस्कृति का परिचायक है क्योंकि इनका पूरा नाम प्रयाग राज निषाद है सरकार द्वारा नामकरण करने के उदाहरण भेदभाव परक है जैसा कि सदियों से चलता आ रहा है सत्तारूढ़ सरकार भी उसी परिपाटी को आगे बढ़ाने में लगी है .
जिलाध्यक्ष बैजनाथ कश्यप ने कहा कि संगम निषाद के पुत्र व प्रभु श्री निषाद राज के चाचा महाराजा प्रयाग राज निषाद जी यही पर राजपाट करते थे और राज्य की जनता के दुखों के निवारण के लिए अपना सुख त्याग दिया करते थे ऐसे त्यागी सख्शियत के प्रति सरकार को संवेदना रखनी चाहिए और प्रयाग राज निषाद पूरा नाम रखना चाहिए . इसलिए निषादों को उनका असली हक़ आरक्षण देना चाहिए तथा निषादों का गौरवशाली इतिहास का अहसास कर इलाहाबाद का नाम आधा-अधूरा प्रयाग राज नहीं अपितु पूरा नाम प्रयाग राज निषाद रखना चाहिए इस मौके पर डीपी कश्यप , किशोर कुमार , मिलन गौड़ आदि दर्जनों लोगों की मौजूदगी नजर आई