प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पत्रकारो पर भी भाजपा नेताओ द्वारा पुलिस से करायी गयी गुंडई

वाराणसी ht: 16 अक्टूबर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी भाजपा नेताओ द्वारा सत्ता के मदमस्त और सत्ता के नशे मे चूर अपने नेता को पालिश या मक्खन लगाने की जुगत मे भाजपा नेता काशी क्षेत्र के महामंत्री अशोक चौरसिया ने लंका थाना क्षेत्र निवासी पत्रकार नितिन को थाना भेलूपुर द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेता रत्नाकर का आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने का आरोप लगाकर भेलूपुर थाने मे मुकदमा स;535 /18 धारा 500,120बी ,67 आईटी एक्ट व धारा 6 क के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया व चालान कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जबकि पत्रकार द्वारा लगातार भाजपा नेता रत्नाकर की वायरल हो रही वीडियो पर खबर चलते ही भाजपा नेताओ मे खलबली देखी जा सकती थी.प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पत्रकारो पर भी भाजपा नेताओ द्वारा पुलिस से करायी गयी गुंडई

अपने नेता की इस नापाक हरकत वाला वायरल वीडियो पर खुद भाजपा के नेताजी का कोई बयान नही आया पर अपनी चाटुकारिता और सत्ता की हनक दिखते हुए भाजपा नेता अशोक चौरसिया ने कलम के सिपाही नीतिनि राय को सत्ता की ताकत दिखाते हुए फर्जी मुकदमे मे जेल भेजने मे कोई कोर कसर नही छोड रखी पर नेता जी सत्ता की हनक पर आप पुलिस तन्त्र का इस्तेमाल कर सकते है न्यायपालिका आपके अनुसार नही चलती पूरे दिन भाजपा नेताओं के हाईप्रोफाइल ड्रामे के बाद कलम के सिपाही को अदालत ने तत्काल जमानत पर रिहा कर दिया लेकिन यह बात अन्तः समझ मे नही आयी कि जिसका यह आपत्ति जनक विड़ियो वायरल हो रह उसमे तो वो नेता जी तो पूरे प्रेशर मे दिख रहे है शायद इसी प्रेशर को शिफ्ट कर दिया और इसी प्रेशर के प्रेशर मे वाराणसी मे पुलिस बनी सत्ताधारी नेताओ के हाथ की कठपुतली

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी मे पुलिस प्रसाशन पूरी तरह सत्ताधारी नेताओ के हाथ की कठपुतली बनी हुई है जिससे आमजनता कराह रही है जनता मे सरकार के कामो के बखान गाने वालो की गुंडई इस कदर है कि मुद्दई सुस्त और चाटुकार चुस्त-दुरुस्त जो सरकार बनने के बाद सड़को के खम्भो मे सिर्फ पोस्टर बन कर लटकते नजर आते है वो आज भजपा के नेताओ के चरित्र की ठेकेदारी करते हुए समाज का आईना मानेजाने वाले लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के कलम के सिपाही के विरुद्ध पुलिस प्रसाशन का पूर्ण दुरुपयोग करया क्या शहर के बड़े दरोगा जी पर भी प्रेशर था जो कि उन्होने अपने मातहत पर शिफ्ट कर अपनी जान छुड़ाई और उसी प्रेशर के प्रेशर मे मुकदमा लिखकर फसाने की साजिश हुई और जिनका वीडियो वायरल हो रहा है

उनके मुह मे सफाई देने के लिये मानो जबान ही अटक गई शायद मुह मे दही जमाने रखी थी पर याद रहे कलम के सिपाहियों की आबरू से खेलना ठीक नही क्योकि हम भी प्रेशर के खेल को जानते है जो सत्ताधारी नेता नही जानते कि किस तरह से प्रेशर के प्रेशर को लीक किया जाता है और इस प्रकार की गीदड़ भपकीयो से कलम नही रुकती बल्कि सत्ता के मद मे चूर उन नेताओं को कड़वे सच का सामना करने पर मजबूर कर देती है खैर अब तो चुनाव आने वाले है और तब देखते है कि कौन सा प्रेशर हम पत्रकारो को सच्चाई जनता के सामने लाने से रोकेगा