
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) का दसवीं कक्षा के लिए आया नया नोटिफिकेशन पढ़ाई में कमजोर स्टूडेंट्स के लिए राहत भरा साबित होगा। सीबीएसई ने 28 फरवरी 2018 को जारी किए सकरुलर पर यूटर्न लेते हुए कहा था कि स्टूडेंट्स के वार्षिक एग्जाम में इंटरनल असेसमेंट के नंबर भी जुड़ेंगे। 
सीबएसई ने ये भी कहा था कि इंटरनल असेसमेंट का फार्मूला इसी साल इस्तेमाल होगा। इसे वर्ष 2018-19 में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा जिसके बाद स्टूडेंट्स को वार्षिक परीक्षा में पास होना अनिवार्य होगा। यानि स्टूडेंट्स को प्रश्न पत्र 100 नंबर का आएगा और उसमें स्टूडेंट्स को हर हाल में 33 नंबर लेने की होंगे। उसे स्कूल टीचर स्कूल की गतिविधियों को देखते हुए कोई नंबर नहीं दे सकेगा, लेकिन 11 अक्टूबर को जारी सर्कुलर में सीबीएसई ने साफ किया है कि मार्च 2019 के एग्जाम में भी स्टूडेंट्स के इंटरनल अससेमेंट के नंबर जुड़ेंगे।
इस प्रक्रिया के बाद स्टूडेंट्स को वार्षिक परीक्षा 70 और 80 नंबर की देनी होगी, जिसमें स्टूडेंट्स को 23 और 27 नंबर हासिल करने होंगे। दसवीं का रिजल्ट था कम, एमएचआरडी ने दिए थे निर्देश मई 2018 में घोषित हुए दसवीं का परिणाम में चंडीगढ़ का पास प्रतिशत मात्र 46 रहा था जिसके बाद एमएचआरडी ने शिक्षा विभाग को कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में परिणाम सुधार के लिए काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद शिक्षा विभाग हर प्रयास कर रहा है कि परिणाम में सुधार हो। इसके लिए कई नए नियम भी इस साल बनाए गए हैं।
खराब परिणाम आने के बाद 7 टीचर्स को सस्पेंड किया गया था जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल भी शामिल थे। इसके अलावा 60 टीचर्स को शोकॉज नोटिस भी जारी किया था। कमजोर स्टूडेंट्स के लिए बेहतर है इंटरनल अससेमेंट हर स्टूडेंट पढ़ाई में इतना बेहतर नहीं हो सकता। ऐसे में इंटरनल अससेमेंट बहुत बढ़िया प्रक्रिया है। इसे जोड़कर कई स्टूडेंट्स को दसवीं पास करने में लाभ मिलेगा। विशेषकर उन स्टूडेंट्स के लिए जो कि खेल-कूद या फिर अन्य गतिविधियों में भाग लेते हैं।