वजूद में आया तीसरा मोर्चा, तीन दलों ने विलय कर बनाई नई पार्टी

झारखंड में चुनावी गठबंधन की कवायद के बीच रविवार को तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आया। तीन दलों ने विलय कर नई पार्टी बनाने की घोषणा की। पार्टी का नाम जनमत दिया गया है। घोषणा की गई है कि पार्टी झारखंड की सभी 14 लोकसभा और 81 विधानसभा सीटों से अपने उम्मीदवार उतारेगी। झारखंड में चुनावी गठबंधन की कवायद के बीच रविवार को तीसरा मोर्चा अस्तित्व में आया। तीन दलों ने विलय कर नई पार्टी बनाने की घोषणा की। पार्टी का नाम जनमत दिया गया है। घोषणा की गई है कि पार्टी झारखंड की सभी 14 लोकसभा और 81 विधानसभा सीटों से अपने उम्मीदवार उतारेगी।  संवाददाता सम्मेलन में विलय करनेवाली तीनों पार्टियों झारखंड पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, झारखंड मुक्ति मोर्चा-उलगुलान के अध्यक्ष व पूर्व सांसद कृष्णा मार्डी और बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद ने इस आशय की घोषणा की। नेताओं ने दावा किया कि मोर्चा बेहतर विकल्प साबित होगा। नेताओं ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक उम्मीदवार को पार्टी प्राथमिकता देगी।  चुनावों में बेहतर प्रदर्शन का दावा करते हुए नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव बाद होगा। यह बात अलग है कि मुख्यमंत्री आदिवासी चेहरा ही होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जमशेदपुर में एक रैली का आयोजन किया गया था जिसमें प्रशासन ने अड़ंगा लगाया था। सभास्थल प्रशासनिक दवाब के बाद  बदलना पड़ा था। इसबार दुर्गा पूजा के बाद जमशेदपुर के साकची आमबगान में बड़ी रैली की जाएगी।    दिनदहाड़े फुटओवर ब्रिज से उड़ा ले गयी जेवरातों से भरा डिब्बा यह भी पढ़ें नेताओं ने कहा कि महागठबंधन बकवास गठबंधन है। इसमें सभी दागी पार्टियां और नेता हैं। उन्होंने कहा कि महागठंबधन को जनता खारिज कर देगी। क्योंकि अगर यह सफल होता है तो देश और राज्य को खतरा होगा।

संवाददाता सम्मेलन में विलय करनेवाली तीनों पार्टियों झारखंड पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक सूर्य सिंह बेसरा, झारखंड मुक्ति मोर्चा-उलगुलान के अध्यक्ष व पूर्व सांसद कृष्णा मार्डी और बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शकील अहमद ने इस आशय की घोषणा की। नेताओं ने दावा किया कि मोर्चा बेहतर विकल्प साबित होगा। नेताओं ने कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अतिपिछड़ा और अल्पसंख्यक उम्मीदवार को पार्टी प्राथमिकता देगी।

चुनावों में बेहतर प्रदर्शन का दावा करते हुए नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव बाद होगा। यह बात अलग है कि मुख्यमंत्री आदिवासी चेहरा ही होगा। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जमशेदपुर में एक रैली का आयोजन किया गया था जिसमें प्रशासन ने अड़ंगा लगाया था। सभास्थल प्रशासनिक दवाब के बाद  बदलना पड़ा था। इसबार दुर्गा पूजा के बाद जमशेदपुर के साकची आमबगान में बड़ी रैली की जाएगी। 

नेताओं ने कहा कि महागठबंधन बकवास गठबंधन है। इसमें सभी दागी पार्टियां और नेता हैं। उन्होंने कहा कि महागठंबधन को जनता खारिज कर देगी। क्योंकि अगर यह सफल होता है तो देश और राज्य को खतरा होगा।