उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच आज होगी उच्‍च स्‍तरीय शांति वार्ता

उत्तर कोरिया के साथ परमाणु मुद्दे पर जारी गतिरोध सुलझाने के वैश्विक प्रयासों के बीच दक्षिण कोरिया एवं उत्तर कोरिया सोमवार को उच्च-स्तरीय शांति वार्ता करने जा रहे हैं. दक्षिण कोरिया ने कहा कि आज होने जा रही वार्ता का मकसद उन शांति समझौतों पर अमल के तौर-तरीके तलाशना है जिनकी घोषणा पिछले महीने प्योंगयांग में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेइ-इन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच हुई शिखर वार्ता में हुई थी. उत्तर कोरिया के साथ परमाणु मुद्दे पर जारी गतिरोध सुलझाने के वैश्विक प्रयासों के बीच दक्षिण कोरिया एवं उत्तर कोरिया सोमवार को उच्च-स्तरीय शांति वार्ता करने जा रहे हैं. दक्षिण कोरिया ने कहा कि आज होने जा रही वार्ता का मकसद उन शांति समझौतों पर अमल के तौर-तरीके तलाशना है जिनकी घोषणा पिछले महीने प्योंगयांग में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेइ-इन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच हुई शिखर वार्ता में हुई थी.   मून और किम ने आर्थिक सहयोग बहाल करने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी. उन्होंने अपनी सड़कों और रेलवे के संपर्क के लिए इस साल के अंत तक एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करने का भी फैसला किया था. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने पारंपरिक सैन्य खतरों में कमी लाने के उपायों की भी घोषणा की थी. शांति वार्ता में दक्षिण कोरिया का प्रतिनिधित्व चो म्योंग-ग्योन और उत्तर कोरिया का प्रतिनिधित्व री सोन ग्वोन कर रहे हैं.    फाइल फोटो  बता दें कि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जल्द से जल्द दूसरी शिखर बैठक करने के लिए राजी हैं. प्योंगयांग में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और किम के बीच हुई ‘फलदायी’ बातचीत के बाद सोल ने सात अक्‍टूबर को शिखर सम्मेलन की बात कही. कोरियाई प्रायद्वीप की यात्रा के दौरान सात अक्‍टूबर की सुबह प्योंगयांग में पोम्पिओ ने पहले दो घंटे तक किम से बातचीत की, फिर दोनों नेताओं ने दोपहर का भोजन भी साथ किया. वहां से पोम्पिओ सोल रवाना हो गए.  दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पोम्पिओ ने कहा, ‘‘वह जितनी जल्दी संभव हो, दूसरा अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन कराने को लेकर चेयरमैन किम से सहमत हैं.’’ हालांकि, इस संबंध में अभी तारीख या जगह तय नहीं है. बयान के अनुसार, पोम्पिओ और किम ने उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों, वहां पर अमेरिकी सरकार की उपस्थिति और इसके बदले में अमेरिका द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की.

मून और किम ने आर्थिक सहयोग बहाल करने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी. उन्होंने अपनी सड़कों और रेलवे के संपर्क के लिए इस साल के अंत तक एक महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू करने का भी फैसला किया था. उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने पारंपरिक सैन्य खतरों में कमी लाने के उपायों की भी घोषणा की थी. शांति वार्ता में दक्षिण कोरिया का प्रतिनिधित्व चो म्योंग-ग्योन और उत्तर कोरिया का प्रतिनिधित्व री सोन ग्वोन कर रहे हैं.

बता दें कि उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ जल्द से जल्द दूसरी शिखर बैठक करने के लिए राजी हैं. प्योंगयांग में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और किम के बीच हुई ‘फलदायी’ बातचीत के बाद सोल ने सात अक्‍टूबर को शिखर सम्मेलन की बात कही. कोरियाई प्रायद्वीप की यात्रा के दौरान सात अक्‍टूबर की सुबह प्योंगयांग में पोम्पिओ ने पहले दो घंटे तक किम से बातचीत की, फिर दोनों नेताओं ने दोपहर का भोजन भी साथ किया. वहां से पोम्पिओ सोल रवाना हो गए.

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, पोम्पिओ ने कहा, ‘‘वह जितनी जल्दी संभव हो, दूसरा अमेरिका-उत्तर कोरिया शिखर सम्मेलन कराने को लेकर चेयरमैन किम से सहमत हैं.’’ हालांकि, इस संबंध में अभी तारीख या जगह तय नहीं है. बयान के अनुसार, पोम्पिओ और किम ने उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों, वहां पर अमेरिकी सरकार की उपस्थिति और इसके बदले में अमेरिका द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की.