
नवरात्रि में आदि शक्ति की आराधना कि जाती है। इस समय जो लोग नवरात्रि व्रत और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं वह लोग मिट्टी के बर्तन में जौ बोते हैं। क्या आपको पता है नवरात्रि में जौ क्यों बोए जाते हैं और इस खास मौके पर ये आपको कौन से शुभ-अशुभ संकेत देते हैं। अगर नहीं तो इसके कई फायदों के साथ आपको बताते हैं जौ से जुड़े कई ऐसे संकेत जो आपके लिए जानना है बेहद जरूरी।
ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि पर जो जौ उगाई जाती है वह मनुष्य को भविष्य से जुड़े कई संकेत देती है।साधारण तौर पर 2-3 दिनो में बोया गया जौ अंकुरित हो जाता है, लेकिन अगर यह न उगे तो भविष्य में आपके लिए अच्छे संकेत नहीं है यानि कि आपको कड़ी मेहनत करने के बाद ही फल की प्राप्ति होगी।

अगर उगने वाले जौ का रंग नीचे से आधा पीला और ऊपर से आधा हरा हो इसका मतलब आने वाले साल का आधा समय ही आपके लिए ठीक रहने वाला है।
अगर वहीं जौ का रंग नीचे से आधा हरा है और ऊपर से आधा पीला हो तो इसका अर्थ है कि आपका साल का शुरूआती समय अच्छे से बीतेगा, लेकिन बाद में आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अगर आपके द्वारा बोया हुआ जौ सफेद या हरे रंग में उग रहा है तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। अगर ऐसा होता है तो यह मान लिया जाता है कि पूजा सफल हो गयी। आने वाला पूरा साल खुशियों से भरा होगा
हिंदू धर्म के अनुसार ऐसा माना जाता है जब सृष्टि की शुरूआत हुई थी तो पहली फसल जौ ही थी। यही कारण है जब भी किसी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है तो हवन में जौ का इस्तेमाल किया जाता है।आइए जानते हैं सेहत से जुड़े इसके कई फायदे-
गर्भपात
जिन लोगों का बार-बार गर्भपात होता रहता है उनके लिए जौ किसी अमृत से कम नहीं हैं। इसका सेवन करने से गर्भपात की समस्या दूर होती है। इसके लिए जौ के आटे को घी और ड्राई फ्रूट के साथ मिलाकर लड्डू बना कर खाने से गर्भपात रुकता है।
जिन लोगों का बार-बार गर्भपात होता रहता है उनके लिए जौ किसी अमृत से कम नहीं हैं। इसका सेवन करने से गर्भपात की समस्या दूर होती है। इसके लिए जौ के आटे को घी और ड्राई फ्रूट के साथ मिलाकर लड्डू बना कर खाने से गर्भपात रुकता है।
पथरी
खराब और दूषित खानपान के चलते अधिकतर लोग पथरी की शिकायत करते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोग पानी में जौ को उबालें। पानी को ठंडा करने के बाद रोज 1 ग्लास पीएं। ऐसा नियमित करने से पेट की पथरी गलने लगती है।
खराब और दूषित खानपान के चलते अधिकतर लोग पथरी की शिकायत करते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोग पानी में जौ को उबालें। पानी को ठंडा करने के बाद रोज 1 ग्लास पीएं। ऐसा नियमित करने से पेट की पथरी गलने लगती है।
डायबिटीज
डायबिटीज की बीमारी लोगों की लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। इस बीमारी से छुटकारे के लिए आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। डायबिटीज के रोगी को जौ के आटे की रोटी और सत्तू बनाकर खानी चाहिए।
डायबिटीज की बीमारी लोगों की लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है। इस बीमारी से छुटकारे के लिए आपको हेल्दी डाइट लेने की जरूरत है। डायबिटीज के रोगी को जौ के आटे की रोटी और सत्तू बनाकर खानी चाहिए।