
अयोध्या स्थित आश्रम तपस्वी जी की छावनी के महंत स्वामी परमहंस दास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथ जूस पीकर अपना अनशन तोड़ दिया और अपने अयोध्या आश्रम पहुंचे गए हैं। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पूर्व मंदिर निर्माण का प्रशस्त मार्ग प्रशस्त होने की उम्मीद जताई है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह असहयोग आंदोलन छेड़ देंगे।गौरतलब है कि परमहंस दास एक अक्टूबर से अपने आश्रम के सामने ही अनशन पर थे। सात अक्टूबर देर रात पुलिस उन्हें उठाकर पीजीआइ अस्पताल ले गई थी जहां पांच दिनों से उनका इलाज चल रहा था। परमहंस दास शनिवार को वह लखनऊ से अपने अयोध्या पहुंचना था। 
परमहंस दास की मांग न्यायसंगत
दरअसल, महंत परमहंस दास को उनका स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण अनशन से उठाकर एसजीपीजीआइ लखनऊ में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री ने लखनऊ कार्यालय में परमहंस दास की मांग को गरिमामय व न्यायसंगत बताया और उनकी अन्य मांगों के अनुरूप प्रधानमंत्री से वार्ता कराने का वादा करके अनशन समाप्त कराया। इस दौरान अयोध्या विधानसभा क्षेत्र के विधायक वेदप्रकाश गुप्त मौजूद रहे। दरअसल गुप्त ही लखनऊ के पीजीआइ अस्पताल में इलाज करा रहे महंत परमहंस दास को लेकर मुख्यमंत्री के कार्यालय पहुंचे थे। परमहंस दास ने मुख्यमंत्री के रुख का स्वागत किया और दोहराया कि उनका अनशन किसी सरकार के विरोध में नहीं था बल्कि राममंदिर निर्माण को लेकर था। परमहंस दास ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रहते मंदिर निर्माण कठिन नहीं है।