यहां के लोग सड़क के लिए तोड़ रहे घर के आंगन

यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली गांव में सड़क निर्माण के कार्य से ग्रामीण उत्साहित हैं। वे सड़क के लिए अपने घर का आंगन तक तोड़ रहे हैं। साथ ही श्रमदान कर सड़क निर्माण में सहयोग दे रहे हैं। यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली गांव में सड़क निर्माण के कार्य से ग्रामीण उत्साहित हैं। वे सड़क के लिए अपने घर का आंगन तक तोड़ रहे हैं। साथ ही श्रमदान कर सड़क निर्माण में सहयोग दे रहे हैं।   खरसाली गांव में पिछले तीन दिनों से ग्रामीण श्रमदान कर रिंग रोड बनाने के निर्माण में जुटे हैं। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण न केवल अपनी भूमि दे रहे हैं, बल्कि घर आंगन को भी तोड़ रहे हैं।   सड़क निर्माण में जेसीबी मशीन मंगाने के लिए गांव के राजपाल सिंह ने एक लाख रुपये की धनराशि भी दी। यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पवन उनियाल कहते हैं कि 10 अक्टूबर से सड़क का निर्माण शुरू किया था,  और जल्द ही एक किलोमीटर सड़क का निर्माण हो जाएगा।   उन्होंने बताया कि अभी तक वैकल्पिक ग्रामीण मोटर मार्ग की समस्या से जूझ रहे थे। इससे फूल चट्टी, खरसाली और जानकी चट्टी के बीच एक रिंग रोड भी तैयार हो जाएगी।  यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली जाने के लिए यमुनोत्री हाईवे से फूल चट्टी के पास तीन किलोमीटर सड़क पीएमजीएसवाई ने बनाई। इसके साथ ही जानकीचट्टी एक सड़क खरसाली गांव में बने हेलीपैड तक जाती है। ये दोनों सड़कें आपस में जुड़ी हुई नहीं हैं।   रिंग रोड न होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रिंग रोड बनाने के लिए खरसाली गांव में कुछ दिन पहले खरसाली ग्रामीण सड़क विकास समिति की बैठक हुई।   बैठक में समिति के संरक्षक राजपाल ङ्क्षसह ने सड़क निर्माण में श्रमदान करने के साथ ही एक लाख रुपये सड़क निर्माण के लिए देने का एलान किया। इसके बाद ग्रामीणों ने कहा कि वे सड़क की जद में आने वाली भूमि और भवन-आंगन देने के लिए तैयार है।    गंगोत्री हिमालय में हुआ सेटेलाइट फोन का प्रयोग, खुफिया विभाग अलर्ट यह भी पढ़ें   नवरात्र के शुभ अवसर पर इस सड़क का निर्माण शुरू किया। सबसे पहले गांव के मुरलीधर उनियाल ने अपना मकान सड़क के लिए तोड़ा। इसके बाद अन्य ग्रामीणों ने भी तोड़ना शुरू किया। एक किलोमीटर लंबी सड़क की जद में 70 से अधिक परिवारों के घर आंगन आ रहे हैं।    बीमार ब्ल्यू शीप की तलाश को गई टीम लौटीं यह भी पढ़ें अधिकांश लोगों ने अपने घर आंगन को भी तोड़ दिया है। राजपाल सिंह कहते हैं कि अभी तक श्रमदान से करीब सात सौ मीटर सड़क बना चुके हैं। सभी ग्रामीणों का इसमें सहयोग मिल रहा है।  खरसाली गांव के रणवीर सिंह ने बताया कि खरसाली गांव यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण गांव है। यमुना जी का शीतकालीन प्रवास भी यहीं हैं। साथ ही इस गांव में ही हेलीपैड भी बना है। यात्रा काल में जानकी चट्टी और फूलचट्टी के बीच जाम लग जाता है। इस रिंग रोड बनने से कोई परेशानी नहीं होगी।

खरसाली गांव में पिछले तीन दिनों से ग्रामीण श्रमदान कर रिंग रोड बनाने के निर्माण में जुटे हैं। सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण न केवल अपनी भूमि दे रहे हैं, बल्कि घर आंगन को भी तोड़ रहे हैं। 

सड़क निर्माण में जेसीबी मशीन मंगाने के लिए गांव के राजपाल सिंह ने एक लाख रुपये की धनराशि भी दी। यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पवन उनियाल कहते हैं कि 10 अक्टूबर से सड़क का निर्माण शुरू किया था,  और जल्द ही एक किलोमीटर सड़क का निर्माण हो जाएगा। 

उन्होंने बताया कि अभी तक वैकल्पिक ग्रामीण मोटर मार्ग की समस्या से जूझ रहे थे। इससे फूल चट्टी, खरसाली और जानकी चट्टी के बीच एक रिंग रोड भी तैयार हो जाएगी।

यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरसाली जाने के लिए यमुनोत्री हाईवे से फूल चट्टी के पास तीन किलोमीटर सड़क पीएमजीएसवाई ने बनाई। इसके साथ ही जानकीचट्टी एक सड़क खरसाली गांव में बने हेलीपैड तक जाती है। ये दोनों सड़कें आपस में जुड़ी हुई नहीं हैं। 

रिंग रोड न होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। रिंग रोड बनाने के लिए खरसाली गांव में कुछ दिन पहले खरसाली ग्रामीण सड़क विकास समिति की बैठक हुई। 

बैठक में समिति के संरक्षक राजपाल ङ्क्षसह ने सड़क निर्माण में श्रमदान करने के साथ ही एक लाख रुपये सड़क निर्माण के लिए देने का एलान किया। इसके बाद ग्रामीणों ने कहा कि वे सड़क की जद में आने वाली भूमि और भवन-आंगन देने के लिए तैयार है। 

नवरात्र के शुभ अवसर पर इस सड़क का निर्माण शुरू किया। सबसे पहले गांव के मुरलीधर उनियाल ने अपना मकान सड़क के लिए तोड़ा। इसके बाद अन्य ग्रामीणों ने भी तोड़ना शुरू किया। एक किलोमीटर लंबी सड़क की जद में 70 से अधिक परिवारों के घर आंगन आ रहे हैं। 

अधिकांश लोगों ने अपने घर आंगन को भी तोड़ दिया है। राजपाल सिंह कहते हैं कि अभी तक श्रमदान से करीब सात सौ मीटर सड़क बना चुके हैं। सभी ग्रामीणों का इसमें सहयोग मिल रहा है।

खरसाली गांव के रणवीर सिंह ने बताया कि खरसाली गांव यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिहाज से महत्वपूर्ण गांव है। यमुना जी का शीतकालीन प्रवास भी यहीं हैं। साथ ही इस गांव में ही हेलीपैड भी बना है। यात्रा काल में जानकी चट्टी और फूलचट्टी के बीच जाम लग जाता है। इस रिंग रोड बनने से कोई परेशानी नहीं होगी।