बुलेट ट्रेन से तिगुनी रफ्तार पर दौड़ेगी चीन की ये ट्रेन, ये है खासियत

नई तकनीक और अविष्कारों से पूरी दुनिया को हैरान करने वाला चीन अब बुलेट ट्रेन से तीन गुना तेज गति से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है। नई बुलेट ट्रेन का मॉडल सिचुआन प्रांत के चेंगडू में 2018 नेशनल मास इनोवेशन एंड आंत्रप्रन्योरशिप वीक के दौरान पेश किया गया। चीन का दावा है कि अगली पीढ़ी की मैग्नेटिक लेविटेशन बुलेट ट्रेन एक हजार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन चीन के पास है जिसकी स्पीड 350 किमी प्रति घंटा है। नई तकनीक और अविष्कारों से पूरी दुनिया को हैरान करने वाला चीन अब बुलेट ट्रेन से तीन गुना तेज गति से चलने वाली ट्रेन पर काम कर रहा है। नई बुलेट ट्रेन का मॉडल सिचुआन प्रांत के चेंगडू में 2018 नेशनल मास इनोवेशन एंड आंत्रप्रन्योरशिप वीक के दौरान पेश किया गया। चीन का दावा है कि अगली पीढ़ी की मैग्नेटिक लेविटेशन बुलेट ट्रेन एक हजार किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। वर्तमान में दुनिया की सबसे तेज गति से चलने वाली बुलेट ट्रेन चीन के पास है जिसकी स्पीड 350 किमी प्रति घंटा है।  दौड़ में अमेरिका भी शामिल हाईपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजीज और हाईपरलूप वन जैसी कुछ अमेरिकी कंपनियां एक घंटे में एक हजार किमी से भी अधिक दूरी तय करने वाली ट्रेनों पर काम कर रही हैं।    ट्रेन की खासियत - एयरोस्पेस तकनीक की तरह नई बुलेट ट्रेन में भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रपल्शन का इस्तेमाल किया गया है। - 29.2 मीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े और हीट-लाइट प्रूफ केबिन - क्लोज-टू-वैक्यूम रेलवे एंवायरमेंट और मैग्नेटिक लेविटेशन तकनीक के जरिए ये ट्रेन जमीन से 100 मिमी ऊपर चलेगी। - 1000 किमी की दूरी एक घंटे में तय होगी।    2025 तक लांच की उम्मीद  इसका निर्माण चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन लिमिटेड कर रही है। इसे टी-फ्लाइट नाम दिया गया है और 2015 से ही इस पर काम शुरू हो चुका है। 2025 तक लांच होने की उम्मीद है।    सबसे बड़ा हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क चीन में दुनिया का सबसे बड़ा हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क है जिसकी लंबाई 22 हजार किमी है। यह चीन के कई शहरों से जुड़ा है। बुलेट ट्रेन का मॉडल दिखाता है कि चीन इस मामले में अमेरिका के बराबर आ गया है।

दौड़ में अमेरिका भी शामिल

हाईपरलूप ट्रांसपोर्टेशन टेक्नोलॉजीज और हाईपरलूप वन जैसी कुछ अमेरिकी कंपनियां एक घंटे में एक हजार किमी से भी अधिक दूरी तय करने वाली ट्रेनों पर काम कर रही हैं।

ट्रेन की खासियत

 एयरोस्पेस तकनीक की तरह नई बुलेट ट्रेन में भी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक प्रपल्शन का इस्तेमाल किया गया है।
 29.2 मीटर लंबे और तीन मीटर चौड़े और हीट-लाइट प्रूफ केबिन
 क्लोज-टू-वैक्यूम रेलवे एंवायरमेंट और मैग्नेटिक लेविटेशन तकनीक के जरिए ये ट्रेन जमीन से 100 मिमी ऊपर चलेगी।
1000 किमी की दूरी एक घंटे में तय होगी।

2025 तक लांच की उम्मीद 

इसका निर्माण चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉरपोरेशन लिमिटेड कर रही है। इसे टी-फ्लाइट नाम दिया गया है और 2015 से ही इस पर काम शुरू हो चुका है। 2025 तक लांच होने की उम्मीद है।

सबसे बड़ा हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क

चीन में दुनिया का सबसे बड़ा हाईस्पीड ट्रेन नेटवर्क है जिसकी लंबाई 22 हजार किमी है। यह चीन के कई शहरों से जुड़ा है। बुलेट ट्रेन का मॉडल दिखाता है कि चीन इस मामले में अमेरिका के बराबर आ गया है।