इस बदनाम गांव के पीछे हैं रहस्यमयी कहानी, सिर्फ एक गलती ने बर्बाद कर दिए कई परिवार

आज हम आपको अपने ही देश के एक ऐसे गांव की दांस्तान बताने जा रहे हैं जो पूरे देश में बदनाम है। आपने शायद ही इससे पहले ‘बदनाम गांव’ के बारे में सुना होगा। लेकिन जो लोग इस गांव के बारे में जानते हैं वे भारत के मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सीमा की सतपुड़ा पहाड़ियों पर बसे इस गांव के बारे अच्छा नहीं बोलते। है न ताज्जुब करने वाली बात..? आप सोच रहे होंगे कि आखिर इस गांव में ऐसा क्या है..?  
इस गांव का नाम ‘पाचोरा’ है। यहां की आबादी मात्र 900 है। ये गांव सिकलीगरों के गांव के नाम से जितना मशहूर है उतना ही बदनाम भी। दरअसल, यहां 150 सिकलीगर परिवार रहते हैं जो पूरे देश में हथियार बनाने के लिए कुख्यात हैं। यह बात 2003 की है जब सरकार ने वादा किया था कि यहां के युवाओं को रोजगार देंगे। मगर असलियत में इनकी कहानी कुछ और ही बनी। सरकार की शर्त के मुताबिक इन सिकलीगरों ने आत्मसर्पण कर दिया और हथियारों का कारोबार बंद कर दिया। 

लेकिन सरकार ने अपना वायदा हरगिज न पूरा किया। सरकार के वादे से मुकर जाने के बाद गांव के 90 फीसदी लोग खेती-किसानी, मजदूरी या छोटे-मोटे व्यवसाय से जुड़ गए। मगर आज भी इस गांव में 10 फीसद परिवार ऐसे हैं जो अवैध हथियार बनाने के गोरखधंधा कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कन्नड़ पत्रकार गौरी लंकेश के हत्याकांड में इस्तेमाल हुई पिस्टल इसी गांव में बनी थी। इस गोलीकांड के बाद से एकबार यह गांव सुर्खियों में आ गया।