राफेल सौदाः राहुल बोले- पीएम भ्रष्ट हैं, भाजपा का पलटवारः ये राहुल की निर्लज्जता है

राफेल विमान सौदे को लेकर सियासी घमासान अब अपने चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर ले रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी भी जांच होनी चाहिए। राफेल विमान सौदे को लेकर सियासी घमासान अब अपने चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल सौदे को लेकर सीधे-सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर ले रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी भी जांच होनी चाहिए।   गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल ने राफेल डील को पीएम मोदी से लेकर केंद्र को निशाने पर लिया। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की भी मांग की। राहुल ने कहा कि उन्हें (मोदी) इस मामले में अपना नाम आने पर इस्तीफा देना चाहिए।   राहुल ने कहा कि राफेल डील के जरिए पीएम मोदी ने अनिल अंबानी की जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाले हैं। वे यहीं शांत नहीं हुए, आगे उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने खुलासा किया था कि भारतीय प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया था कि रिलायंस को सौदा मिलना चाहिए। अब राफेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वही कहा है। यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है।   #MeToo में फंसे केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर को देना पड़ सकता है इस्तीफा यह भी पढ़ें राहुल ने कहा कि साफतौर पर राफेल डील रक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार का मामला है। इस भ्रष्टाचार को समझने के लिए सारी चीजें सामने हैं। इस सौदे की गड़बड़ियां धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। उधर बार-बार इस मामले में पीएम मोदी का नाम लेकर राहुल ने कहा कि वे (मोदी) भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सत्ता में आए थे और वही अब इन आरोपों से जूझ रहे हैं। राहुल ने कहा कि उनपर आरोप लगा है और उन्हें इस मामले पर बोलना चाहिए। राहुल ने आगे कहा कि अगर वे बोल नहीं पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें।   भाजपा का पलटवारः झूठ पकड़े जाने पर भी झूठ बोलने की हिम्मत राहुल में है राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि देश की जनता जान चुकी है कि झूठ और फरेब के सहारे भ्रम पैदा करके जिस प्रकार की अपनी राजनीतिक इमारत बनाने की कोशिश राहुल गांधी कर रहे है यह संभव नहीं है।  संबित पात्रा ने कहा कि एयर चीफ मार्शल बीएस धनाओ ने राफेल को गेमचेंजर बताया था। एयर चीफ मार्शल जो कहते हैं, राहुल गांधी ठीक उसके विपरीत कहते हैं। सवाल उठता है कि किस विश्वास करें राहुल गांधी पर एयर चीफ मार्शल पर।   INX Media Case: कार्ति चिदंबरम को बड़ा झटका, ईडी ने जब्‍त की 54 करोड़ रुपये की संपत्तियां यह भी पढ़ें संबित पात्रा ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिकाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस कहने पर सर्वोच्च न्यायालय में PIL लेकर पहुंचे। संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि यहां PIL, जनहित याचिका नहीं थी बल्कि पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन थी। पात्रा बोले कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कीमत और तकनीकी पहलू पर कोई विचार नहीं करेंगे। इससे साफ पता चलता है कि कोर्ट में उनकी हार हुई है।  पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी दावा करते हैं कि उनके पास राफेल के बारे में बहुत से दस्तावेज हैं तो क्यों नहीं वो सब कागजात लेकर सुप्रीम कोर्ट चले जाते। क्या राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं है। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ राजनीति करते हैं उनके पास तथ्यात्मक रूप से कोई जानकारी नहीं होती। झूठ पकड़े जाने के बाद भी दोबारा झूठ कहने की हिम्मत अगर इस देश में किसी की है तो वो राहुल गांधी जी की है। पात्रा ने कहा कि ये राहुल की निर्लज्जता है।

गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल ने राफेल डील को पीएम मोदी से लेकर केंद्र को निशाने पर लिया। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफे की भी मांग की। राहुल ने कहा कि उन्हें (मोदी) इस मामले में अपना नाम आने पर इस्तीफा देना चाहिए। 

राहुल ने कहा कि राफेल डील के जरिए पीएम मोदी ने अनिल अंबानी की जेब में 30 हजार करोड़ रुपये डाले हैं। वे यहीं शांत नहीं हुए, आगे उन्होंने फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले पूर्व फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने खुलासा किया था कि भारतीय प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया था कि रिलायंस को सौदा मिलना चाहिए। अब राफेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वही कहा है। यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है।

राहुल ने कहा कि साफतौर पर राफेल डील रक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार का मामला है। इस भ्रष्टाचार को समझने के लिए सारी चीजें सामने हैं। इस सौदे की गड़बड़ियां धीरे-धीरे सामने आ रही हैं। उधर बार-बार इस मामले में पीएम मोदी का नाम लेकर राहुल ने कहा कि वे (मोदी) भ्रष्टाचार के मामले को लेकर सत्ता में आए थे और वही अब इन आरोपों से जूझ रहे हैं। राहुल ने कहा कि उनपर आरोप लगा है और उन्हें इस मामले पर बोलना चाहिए। राहुल ने आगे कहा कि अगर वे बोल नहीं पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। 

भाजपा का पलटवारः झूठ पकड़े जाने पर भी झूठ बोलने की हिम्मत राहुल में है
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि देश की जनता जान चुकी है कि झूठ और फरेब के सहारे भ्रम पैदा करके जिस प्रकार की अपनी राजनीतिक इमारत बनाने की कोशिश राहुल गांधी कर रहे है यह संभव नहीं है।

संबित पात्रा ने कहा कि एयर चीफ मार्शल बीएस धनाओ ने राफेल को गेमचेंजर बताया था। एयर चीफ मार्शल जो कहते हैं, राहुल गांधी ठीक उसके विपरीत कहते हैं। सवाल उठता है कि किस विश्वास करें राहुल गांधी पर एयर चीफ मार्शल पर।

संबित पात्रा ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिकाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कांग्रेस कहने पर सर्वोच्च न्यायालय में PIL लेकर पहुंचे। संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा कि यहां PIL, जनहित याचिका नहीं थी बल्कि पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन थी। पात्रा बोले कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम कीमत और तकनीकी पहलू पर कोई विचार नहीं करेंगे। इससे साफ पता चलता है कि कोर्ट में उनकी हार हुई है।

पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी दावा करते हैं कि उनके पास राफेल के बारे में बहुत से दस्तावेज हैं तो क्यों नहीं वो सब कागजात लेकर सुप्रीम कोर्ट चले जाते। क्या राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट पर विश्वास नहीं है। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ राजनीति करते हैं उनके पास तथ्यात्मक रूप से कोई जानकारी नहीं होती। झूठ पकड़े जाने के बाद भी दोबारा झूठ कहने की हिम्मत अगर इस देश में किसी की है तो वो राहुल गांधी जी की है। पात्रा ने कहा कि ये राहुल की निर्लज्जता है।