सरगुजा के मतदाताओं की आइकॉन हैं 104 वर्षीय कनकरानी दत्ता

विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही प्रशासन भी मतदाताओं को जागरूक करने में लगा है। जिले में 11 हजार युवा मतदाता बढ़े हैं, वहीं उम्रदराज मतदाताओं की भी संख्या जिले में कम नहीं है। 80 वर्ष की आयु पार कर चुके 6201 मतदाता जिले में हैं इनमें सर्वाधिक 104 वर्ष की जनपद मार्ग निवासी श्रीमती कनकरानी दत्ता हैं। इन्हें सीनियर सिटीजन मतदाताओं का आइकॉन भी बनाया गया है। आजादी के बाद लगातार हर चुनाव में वह मतदान करती आईं हैं। इस बार वे अस्वस्थ हैं, किन्तु उनका जज्बा मतदान को लेकर कम नहीं है। विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही प्रशासन भी मतदाताओं को जागरूक करने में लगा है। जिले में 11 हजार युवा मतदाता बढ़े हैं, वहीं उम्रदराज मतदाताओं की भी संख्या जिले में कम नहीं है। 80 वर्ष की आयु पार कर चुके 6201 मतदाता जिले में हैं इनमें सर्वाधिक 104 वर्ष की जनपद मार्ग निवासी श्रीमती कनकरानी दत्ता हैं। इन्हें सीनियर सिटीजन मतदाताओं का आइकॉन भी बनाया गया है। आजादी के बाद लगातार हर चुनाव में वह मतदान करती आईं हैं। इस बार वे अस्वस्थ हैं, किन्तु उनका जज्बा मतदान को लेकर कम नहीं है।  सरगुजा जिले में वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में पांच लाख 38 हजार से अधिक मतदाता थे, वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या 50 हजार से अधिक बढ़ गई है। नए के साथ सीनियर सिटीजन मतदाताओं की संख्या भी जिले में कम नहीं है। 80 वर्ष से अधिक आयु वाले छह हजार से अधिक मतदाता है। शहर में सर्वाधिक 104 बरस की सीनियर सिटीजन कनकरानी दत्ता ऐसी मतदाता हैं जो आजादी के बाद लगातार मतदान करती आ रहीं हैं। वर्षों से वे अपनी पुत्री वंदना दत्ता के साथ मल्टीपरपज मतदान केंद्र में मतदान करने पहुंचती हैं। पांच वर्ष पूर्व 2013 में तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतु सैन ने श्रीमती दत्ता को सीनियर सिटीजन आइकॉन बनाया था और सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मतदाता जागरुकता का आयोजन कर उन्हें ईपिक कार्ड प्रदान किया गया था।   मौसम विभाग ने 'तितली' को बताया भीषण चक्रवात, छत्तीसगढ़ में 13 तक असर दिखेगा यह भी पढ़ें  इंदिरा गांधी से हैं प्रभावित  'नईदुनिया' से चर्चा में श्रीमती दत्ता ने बताया कि आजादी से पहले वे सरगुजा आ गई थीं। जब पहला आम चुनाव हुआ तो उन्होंने मतदान किया था। तब से आज तक ऐसा कोई चुनाव नहीं गया जब उन्होंने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से भी वे सरगुजा आगमन पर वर्षों पूर्व मुलाकात कर चुकी हैं।   CG : अमित शाह का 2 दिनी दौरा शुक्रवार से, प्रवेशिका के बिना कार्यकर्ताओं को प्रवेश नहीं यह भी पढ़ें  पुत्री वंदना ले जाती हैं मतदान केंद्र  महिला बाल विकास विभाग से सेवानिवृत्त वंदना दत्ता परछाई की तरह अपनी वृद्घ मां कनकरानी के साथ रहती हैं। वे मतदान के दौरान सीनियर सिटीजन मतदाता के नाम से अखबारों में प्रकाशित अपनी मां की खबरों को सहेजकर रखी हैं। वहीं वयोवृद्ध मां को हर चुनाव में अपने साथ मतदान केन्द्र तक लेकर जाती हैं। सुश्री दत्ता का मानना है कि उनकी माता जिले की सबसे वरिष्ठ मतदाता हैं। अब वे लोगों की बातें पूरी तरीके सुन तो नहीं पाती पर इशारे में सब कुछ समझती हैं

सरगुजा जिले में वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में पांच लाख 38 हजार से अधिक मतदाता थे, वहीं 2018 के विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या 50 हजार से अधिक बढ़ गई है। नए के साथ सीनियर सिटीजन मतदाताओं की संख्या भी जिले में कम नहीं है। 80 वर्ष से अधिक आयु वाले छह हजार से अधिक मतदाता है। शहर में सर्वाधिक 104 बरस की सीनियर सिटीजन कनकरानी दत्ता ऐसी मतदाता हैं जो आजादी के बाद लगातार मतदान करती आ रहीं हैं। वर्षों से वे अपनी पुत्री वंदना दत्ता के साथ मल्टीपरपज मतदान केंद्र में मतदान करने पहुंचती हैं। पांच वर्ष पूर्व 2013 में तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ऋतु सैन ने श्रीमती दत्ता को सीनियर सिटीजन आइकॉन बनाया था और सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में मतदाता जागरुकता का आयोजन कर उन्हें ईपिक कार्ड प्रदान किया गया था।

इंदिरा गांधी से हैं प्रभावित

‘नईदुनिया’ से चर्चा में श्रीमती दत्ता ने बताया कि आजादी से पहले वे सरगुजा आ गई थीं। जब पहला आम चुनाव हुआ तो उन्होंने मतदान किया था। तब से आज तक ऐसा कोई चुनाव नहीं गया जब उन्होंने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से भी वे सरगुजा आगमन पर वर्षों पूर्व मुलाकात कर चुकी हैं।

पुत्री वंदना ले जाती हैं मतदान केंद्र

महिला बाल विकास विभाग से सेवानिवृत्त वंदना दत्ता परछाई की तरह अपनी वृद्घ मां कनकरानी के साथ रहती हैं। वे मतदान के दौरान सीनियर सिटीजन मतदाता के नाम से अखबारों में प्रकाशित अपनी मां की खबरों को सहेजकर रखी हैं। वहीं वयोवृद्ध मां को हर चुनाव में अपने साथ मतदान केन्द्र तक लेकर जाती हैं। सुश्री दत्ता का मानना है कि उनकी माता जिले की सबसे वरिष्ठ मतदाता हैं। अब वे लोगों की बातें पूरी तरीके सुन तो नहीं पाती पर इशारे में सब कुछ समझती हैं