
सदर अस्पताल में मंगलवार की रात शहर के राॅकी मोहल्ला निवासी पृथ्वीनाथ कश्यप की पत्नी गिरीजा देवी 70 वर्ष की मौत इलाज के दौरान हो गई। महिला को रात साढ़े आठ बजे सांस लेने की तकलीफ की.
शिकायत के बाद अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था। जिस समय महिला को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।
उस समय अस्पताल में डा. जियाउल हक की ड्यूटी थी। ड्यूटी का शिफ्ट समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर डा. अनिल कुमार अस्पताल पहुंचे। रात करीब साढ़े बारह बजे गिरीजा देवी की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद उसके परिजन इलाज में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगा अचानक से आक्रोशित हो गये। वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते तब तक परिजन तथा इनके साथ अस्पताल पहुंचे मोहल्ले के लोग डा. अनिल कुमार की पिटाई कर दी।
डा. अनिल कुमार अस्पताल से भागकर पिटाई कर रहे लोगों से बचने का प्रयास किया। लेकिन परिजन तथा मोहल्ले के लोग अस्पताल परिसर में दौड़ा-दौड़ाकर चिकित्सक की पिटाई करते रहे। इसकी सूचना पर अस्पताल पहुंची पुुलिस की पीसीआर वैन में मौजूद पुलिसकर्मी भी चिकित्सक को लोगों की पिटाई से नहीं बचा सके। इसके बाद मारपीट के आरोपी वहां से महिला का शव को लेकर चलते बने। इस घटना के बाद से चिकित्सकों में नाराजगी व्याप्त है।
बुधवार की सुबह में आइएमए की आपात बैठक हुई। इसमें चिकित्सक की पिटाई के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक अस्पताल का काम ठप रखने का निर्णय लिया गया। इसके बाद आइएमए का प्रतिनिधि मंडल सदर थाना पहुंच आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की। इस मामले में अभी प्राथमिकी की प्रक्रिया चल रही थी। चिकित्सकों द्वारा काम नहीं करने के निर्णय के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
नहीं बरती लापरवाही : महिला के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। चिकित्सक की पिटाई से मर्माहत हूं। आइएमए जो निर्णय लेगा, सभी चिकित्सक जो फैसला लेंगे, उस निर्णय के साथ खड़ा हूं।