समिट में PM मोदी ने कहा- ‘ राज्यों के सामर्थ्य को जोड़ा जाए तो देश के विकास को कोई नहीं रोक सकता’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उत्तराखंड में पहली बार आयोजित ‘इन्वेस्टर्स समिट’ का उद्घाटन किया। रविवार को देहरादून के रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में दो दिवसीय ‘उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट’ का आगाज हुआ। प्रधानमंत्री मोदी सुबह करीब साढ़े 10 बजे वायुसेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां राज्यपाल बेबी रानी मौर्या और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एमआई-17 विमान से कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

प्रधानमंत्री की लैंडिंग के साथ एयरपोर्ट से रायपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक जीरो जोन लागू कर दिया गया। एसपी ट्रैफिक स्वयं रूट पर मौजूद रहे। समिट का उद्घाटन करने के बाद पीएम मोदी ने समिट में लगी प्रदर्शनी और स्टॉल्स का जायजा लिया। उनके साथ उत्तराखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे। इसके बाद प्रधानमंत्री को 360 डिग्री वीडियो के जरिए उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, वन, पर्यटन, बागवानी, धर्म और संस्कृति के नजारे दिखाए गए। इस दौरान राज्य में रोजगार की संभावनाएं भी दिखाई गई। उत्तराखंड की पारंपरिक वंदना ‘दैंणा हुंय्या, खोलि का गणेशा’ के साथ समिट का शुभारंभ हुआ। 30 कलाकारों के दल ने यह मांगल गीत प्रस्तुत किया। कलाकार उत्तराखंड के पारंपरिक परिधानों में सजे हुए थे। उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार के बाद देश-विदेश से आए बड़े निवेशकों ने अपने विचार रखे। निवेशकों के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी, उत्तराखंड राज्यपाल, सिंगापुर के मंत्री, चेक गणराज्य के राजदूत, मंत्रियों, उद्योग जगत की हस्तियों और निवेशकों का अभिवादन किया। उन्होंने कहा कि अाज का दिन हमारे लिए सौभाग्य का है। उन्होंने ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवार्ड’ प्राप्त करने पर पीएम मोदी को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को शॉल और दो पुस्तकें ‘थ्रॉन्स ऑफ द गॉड्स’ व ‘क्राफ्ट्स ऑफ उत्तराखंड’ भेंट की। इसके साथ ही पीएम मोदी को जौनसारी वस्त्र भेंट किया गया।

संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने सबका आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि हम नए भारत की तरफ बढ़ रहे। भारत वर्ल्ड ग्रोथ का प्रमुख ईंजन बनने वाला है। महंगाई पर नियंत्रण है। मीडिल क्लास का तेज गति के विकास हो रहा है। अस्सी प्रतिशत युवा शक्ति सामर्थ्य से भरपूर है। बैंकिंग सिस्टम को ताकत मिली है। जीएसटी के तौर पर स्वतंत्रता के बाद सबसे ज्यादा टैक्स मिला। भारत में एविएशन सेक्टर रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहा है। उस गति को और तेज करने के लिए हवाई कनेक्टिविटी मुहैया कराने की कवायद जारी है। पीएम मोदी ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत केंद्र सरकार और राज्य ने 10 हजार से ज्यादा कदम उठाए हैं। जिससे इसमें 42 अंकों का सुधार हुआ है। हमने 14 सौ से ज्यादा कानून खत्म किए हैं। आज यह कहा जा सकता है कि चौतरफा परिवर्तन के दौर में निवेशकों के लिए भारत में सर्वोत्तम माहौल बना हुआ है। आयुष्मान योजना से मेडिकल सेक्टर में निवेश की संभावना बढ़ी हैं। जिसमें आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनेंगे। इस योजना के तहत एक परिवार को 5 लाख रुपए तक का बैनिफिट मिलेगा। जिसके लिए कई अस्पतालों और डॉक्टरों की जरूरत पड़ेगी। आज भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर में जितना इनवेस्ट किया जा रहा है, पहले कभी नहीं किया गया। उत्तराखंड हमारे न्यू इंडिया को रिप्रेजेंट करता है। राज्य के विकास के लिए उत्तराखंड सरकार भरसक प्रयास कर रही है। अब जरूरत है कि इस मंच पर जो बातें और वायदे हुए हैं, वो जल्द से जल्द जमीन पर उतरें। जिससे उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार मिले। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दे दिया है। किसानों को लाभ मिले इसलिए फूड प्रोसेसिंग पर हमारा ध्यान है। मैं आपसे एग्रीकल्चर में निवेश करने का आग्रह करता हूं। हम जितना ज्यादा निवेश प्राइवेट एग्रीक्लचर क्षेत्र में करेंगे, उससे भारत की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा। दुनिया का नेतृत्व करने की ताकत भारत में है। उत्तराखंड में इतने संसाधन है कि वह हिंदुस्तान को सामर्थ्यवान बना सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी ‘मेक इन इंडिया’ योजना केवल भारत के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए है। दुनिया के अनेक बड़े ब्रांड ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा हैं। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भारत आगे बढ़ रहा है। पीएम ने बताया कि इस इवेंट में जापान उत्तराखंड का पार्टनर है। उन्होंने कहा कि जो कार पहले जापान में बनकर भारत में आयात की जाती थी, आज भारत उनका निर्यात कर रहा है। निवेशकों को परेशानी न हो इसलिए सब सिस्टम ऑन लाइन कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर राज्यों के सामर्थ्य को चैनलाइज किया जाए तो कोई भारत के विकास को नहीं रोक सकता। दुनिया के कई देशों से हमारे राज्यों का सामर्थ्य ज्यादा है। स्प्रीचुअल ईको जोन की ताकत लाखों गुना ज्यादा है। उत्तराखंड पर उसमें भी ध्यान केंद्रीत किया जाए। उन्होंने कहा कि 2025 में जब उत्तराखंड रजत जयंती समारोह बनाएगा तो वह नए रूप में उभरेगा। संबोधन के आखिर में उन्होंने कहा कि भारत सरकार की तरफ से उत्तराखंड को पूरा सहयोग मिलेगा। अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री एमआई – 17 से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे और वायु सेना से विमान से दिल्ली लौट गए।

ये है निवेश के कोर सेक्टर 

प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड बनाया और इसे विशेष राज्य का दर्जा दिया। उत्तराखंड बहुत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। राज्य में ऐसे कॉलेज हैं जिनका देशभर में नाम है। ये राज्य को खुशहाल बनाने में भागीदार बन रहे हैं। राज्य में उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए हमने एरोमेटिक, फिल्म शूटिंग, टूरिज्म, एग्रीकल्चर, ऑर्गेनिक खेती, हॉर्टीकल्चर, स्किल डेवलपमेंट सहित कई रोजगार क्षेत्रों को चिन्हित किया है। इस समय आने वाले निवेशकों के प्रस्ताव राज्य के दूरस्थ इलाकों के विकास करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य के दूरस्थ इलाकों के विकास पर जोरों से काम चल रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पर काम चल रहा है। ऑल वेदर रोड पर काम चल रहा है। उड़ान योजना पर काम चल रहा है। कनेक्टिविटी की दृष्टी से देहरादून का एयरपोर्ट व्यस्त एयरपोर्ट में गिना जाने लगा है। देवबंद-रुड़की डायरेक्ट रेल लाइन का तोहफा मिला है। तेरह जिलों में तेरह नए डेस्टिनेशन पर काम किया जा रहा है। इसके साथ समिट में आने के लिए पीएम मोदी और निवेशकों का धन्यवाद किया।

निवेशकों ने क्या कहा…

इन्वेस्टर्स समिट में रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के मालिक मुकेश अंबानी ने भाग नहीं लिया। समिट में अंबानी का उत्तराखंड में निवेश योजनाओं को लेकर वीडियो संदेश दिखाया गया। उनके प्रतिनिधि के तौर पर रिलायंस समूह के अधिकारी महेंद्र नाहटा शामिल हुए।

समिट में भाग लेने पहुंचे अमूल डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर आर एस सोढ़ी ने कहा कि उत्तराखंड में जितने दूध की खपत है उसका केवल 15 प्रतिशत ही यहां उत्पाद होता है। बाकी 85 फिसदी दूध बाहर से आता है। आने वाले समय में उत्तराखंड दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकता है। चेक गणराज्य के राजदूत मिलॉन होवार्का ने नमस्कार कहकर अपना संबोधन शुरू किया और योगा को सराहा। उत्तराखंड की तेज गति से विकसित हो रही अर्थव्यवस्था की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि चेक गणराज्य उत्तराखंड के विकास के लिए तत्पर है। कहा कि बायो मास, सोलर एनर्जी और ऑटो मोबाइल के क्षेत्र में चेक गणराज्य और उत्तराखंड के बीच में बेहतर तालमेल हो सकता है। इसके बाद उन्होंने समिट का बुलावा देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को धन्यवाद कहा।

जापान के उच्चायुक्त ने कहा कि जापान और भारत के बीच हमेशा से अच्छे संबंध रहे हैं। इसके बाद उन्होंने पीएम मोदी को जापान आने का निमंत्रण दिया। कहा कि हम उत्तराखंड को सैनिटेशन और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में सहयोग देंगे। अडानी ग्रुप के प्रणव अडानी के कहा कि हम उत्तराखंड ऑर्गेनिक कमॉडिटी मोड में निवेश कर रहे हैं। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं। पतंजलि की ओर से समिट में शिरकत कर रहे आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि 12 हजार से ज्यादा जड़ी बूटियां उत्तराखंड में उपलब्ध हैं। इनमें कई दुर्लभ जड़ी बूटियां भी हैं। पतंजलि ने 30 हजार लोगों को रोजगार दिया है। देश का पहला फूड पार्क उत्तराखंड में पतंजलि द्वारा संचालित है।

महिंद्रा ग्रुप की ओर से पवन कुमार गोयंका ने पीएम मोदी, उत्तराखंड की राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों , अधिकारियों और निवेशकों का अभिवादन किया। कहा कि यहां का चारधाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। राज्य की स्थापना से लेकर अभी तक महिंद्रा ने उत्तराखंड के विकास में योगदान दिया। अभी तक महिंद्रा ने राज्य में 16 लाख गाड़िया और ट्रैक्टर बनाए हैं। राज्य की प्रगति की मनोकामना करते हुए उन्होंने उपस्थित निवेशकों से यहां निवेश करने का आग्रह किया। सिंगापुर के सूचना तकनीक और संचार मंत्री एस ईश्वरन ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ की और कहा कि टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। सिंगापुर उत्तराखंड के विकास में सहायक बनेगा। सिंगापुर के मंत्री ने कहा कि बदरीनाथ जाकर मुझे पता लगा की उत्तराखंड को देवभूमि क्यों कहा जाता है।

समिट में केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय मंत्रालय के अफसर भी सम्मेलन में मौजूद हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश कैबिनेट मंत्री, सांसद व विधायक अतिथियों की अगवानी कर रहे हैं। इन्वेस्टर्स समिट में देश दुनिया के डेढ़ हजार से ज्यादा निवेशक व डेलीगेट्स शामिल हो रहे हैं। अब तक 80 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव सरकार को मिले हैं। वहीं 70 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर निवेशकों के साथ करार हुआ है।

राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड में अब तक जितना औद्योगिक निवेश हुआ है। उससे दोगुने निवेश के प्रस्ताव सरकार को इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से मिले हैं। 2001 से लेकर 2017 तक राज्य में एमएसएमई सेक्टर व बड़े उद्योगों में कुल 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ है। जबकि समिट के आयोजन से सरकार को प्रदेश में 80 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इसमें 70 हजार करोड़ के प्रस्ताव पर निवेशकों के साथ करार हो चुका है। ये निवेश धरातल पर उतरे तो उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की तस्वीर बदलेगी और करीब दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसके बाद प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी के लिए प्रदेश से पलायन नहीं करना पड़ेगा। 

कोर सेक्टर
उत्तराखंड में निवेश के लिए सरकार ने 12 कोर सेक्टर चिन्हित किए हैं। इसमें आयुष व वेलनेस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, हार्टिकल्चर एंड फ्लोरीकल्चर, फार्मास्युटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, नेचुरल फाइबर, बायो टेक्नोलॉजी, सोलर ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, हर्बल एंड ऐरोमेटिक, फिल्म शूटिंग सेक्टर में निवेश के लिए निवेशकों की ओर इच्छा जताई गई। 
 

छोटे उद्योगों में ज्यादा रोजगार
राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) में कम निवेश पर रोजगार की ज्यादा संभावना है। वर्ष 2016-17 तक प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र में 55 हजार उद्योग स्थापित किए गए। इसमें 11 हजार 600 करोड़ का निवेश किया गया। इसमें 2.72 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला। जबकि प्रदेश में 273 बड़े उद्योगों में 35 हजार करोड़ का निवेश कर 1.32 लाख लोगों को ही रोजगार मिला है।

औद्योगिक पैकेज से मिली राज्य में उद्योगों को गति
राज्य गठन के समय उत्तराखंड में 9000 करोड़ का पूंजी निवेश था। जो बढ़ कर 35000 करोड़  तक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने नैनीताल में उत्तराखंड के लिए औद्योगिक पैकेज की घोषणा की थी। वर्ष 2004 के बाद उत्तराखंड में औद्योगिक विकास में तेजी आई। एमएसएमई और बड़े उद्योगों में अब तक राज्य में करीब 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ है।