
मानव तस्करों से महिलाओं व बच्चों को कैलाश सत्यार्थी फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के सहयोग से मुक्त कराया। इस दौरान आरोपित एक महिला को गिरफ्तार किया गया। यह महिला सभी को बंधुआ मजदूरी कराने उत्तर प्रदेश ले जा रही थी। मामला गावां थाना क्षेत्र के माल्डा मुशहरिया का है। शुक्रवार देर रात फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं को युवा मंडल के सदस्य मिथुन कुमार ने सूचना दी कि एक महिला कुछ किशोरियों, बच्चों व महिलाओं को लेकर बंधुआ मजदूरी कराने यूपी जा रही है। इस पर मालडा मुखिया के पति दिनेश पांडेय, संस्था के संदीप नयन, अरविंद कुमार आदि ने खोजबीन शुरू की।
महिलाओं ने बताया कि कर्मा पर्व के दौरान महिला ने उन लोगों को 10-10 हजार रुपये दिए थे। इसके एवज में उन लोगों से ईंट भट्ठा में काम कराया जाता। आरोपित गुजरी देवी उर्फ सरदारनी ने बताया कि वह अपने साथ महिलाओं व बच्चों को उत्तर प्रदेश के अकबरपुर ईंट भट्ठा में काम कराने ले जा रही थी। इसके एवज में उनलोगों को पहले पैसा दिया गया है। गावां थाना में आवेदन देने के बाद सभी को मुखिया पति व संस्था के कार्यकर्ताओं की जवाबदेही पर छोड़ दिया गया।